अमर उजाला ब्यूरो
धनौरी।
सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो घाड़ क्षेत्र नई इबारत लिखेगा। धनौरी से लेकर बिहारीगढ़ तक करीब तीस किमी लंबे इस मार्ग के आसपास पड़ने वाले उत्तरप्रदेश एवं उत्तराखंड के 50 से अधिक गांवों के किसानों एवं ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा। नहर बनने से क्षेत्र के खेतों में सिंचाई की समस्या नहीं रहेगी। इससे फसलों का उत्पादन भी बढे़गा। ऐसे में किसानों के साथ- साथ अन्य ग्रामीण भी केंद्र सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं। नदी जोड़ो योजना के तहत ऐसे क्षेत्र जहां पर सिंचाई के संसाधन सीमित है। वहां पर केंद्र सरकार छोटी नहरें पहुंचाकर किसानों को काफी हद तक राहत पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं।
दो माह पहले ज्वालापुर के विधायक सुरेश राठौर के नेतृत्व में सिंचाई विभाग, लोनिवि , जिला प्रशासन की टीम के साथ धनौरी से लेकर बुग्गावाला तक नहर को लेकर स्थलीय सर्वे किया था। जिसकी रिपोर्ट केंद्र सरकार को प्रेषित की जा चुकी है। इस नई नहर के निर्माण से धनौरा, तेलीवाला, जस्वावाला,माच्छरहेडी, आसफनगर, कोटामुरादनगर, हजारा ग्रंट, डालूवाला मजबता, रिटौराग्रंट, डालूवाला कला, डालूवाला खुर्द, डालूवाला मजबता, लालवाला, बड़ी लाम,छोटी लाम, कुड़कावाला, बंदरजुड़, तेलपुरा, शहीदवाला ग्रंट सहित दर्जनों गांवों के ग्रामीणों को इसका फायदा मिलेगा। यह नहर घाड़ क्षेत्र के लिए फायदेमंद साबित होगी।
नई नहर के बनने से पूरे घाड़ क्षेत्र का विकास होगा। यह एक जनहितैषी योजना है। इससे किसानों को बेहद फायदा होगा। किसानों को सिंचाई के साधन सरलता से प्राप्त हो जाएगा।- ओमपाल प्रधान, ग्रामीण।
नहर निर्माण से यहां जमीनों के दामों मे भी उछाल आएगा। अभी क्षेत्र में सिंचाई का अभाव होने से जमीन के दाम कम लगते थे, लेकिन नहर निर्माण से यहां ग्रामीणों को अधिक फायदा मिलेगा।- अरविंद, ग्रामीण।
केंद्र सरकार को इस योजना को जल्द से जल्द धरातल पर लाकर निर्माण शुरू कर देना चाहिए। इससे विस्तृत आबादी को लाभ मिलेगा। खेतों में सिंचाई के साथ- साथ किसानों को पीने के पानी की समस्या का भी काफी हद तक निस्तारण हो जाएगा।- कुर्बान, ग्रामीण।
सिंचाई की व्यवस्था होने से फसलों का उत्पादन भी अधिक होगा। फिलहाल सिंचाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से किसानों को फसल का उचित उत्पादन नहीं मिल पाता है। यह नहर आने से क्षेत्र मे खुशी की लहर आएगी।- नकलीराम सैनी, ग्रामीण।