श्रीनगर। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय को तीन साल बाद बेस अस्पताल के 200 बेड वाले भवन की याद आ गई है। तीन साल पूर्व इस भवन का लोकार्पण हो चुका है, लेकिन आज तक इसमें मरीजों के लिए बेड नहीं लग पाए हैं। काम अधूरा होने के कारण अस्पताल प्रशासन इस भवन को हस्तांतरित नहीं कर रहा है।
कार्यदायी संस्था यूपी राजकीय निर्माण निगम का कहना है कि काम पूरा हो चुका है। चिकित्सा शिक्षा निदेशक प्रो. आशुतोष सयाना के अनुसार विभाग के इंजीनियर और निर्माण निगम के इंजीनियर भवन का निरीक्षण कर कमियों को दूर करेंगे।
वर्तमान में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से संबद्ध बेस अस्पताल में सिर्फ 300 बेड संचालित हो रहे हैं, जबकि 200 बेड का भवन तीन साल बन चुका है। इसका लोकार्पण भी हो चुका है, लेकिन फर्नीचर, गैस लाइन सहित अन्य व्यवस्थाएं न होने के कारण यह भवन बंद पड़ा हुआ है। दिक्कत यह है कि वर्तमान में जहां मरीज भर्ती हैं, उन भवनों की हालात खराब है। शौचालय और बाथरूम को मरम्मत की जरूरत है। पर्याप्त स्थान होने के बावजूद मरीज और अस्पताल का स्टाफ परेशानी झेल रहा है।
चिकित्सा शिक्षा निदेशक प्रो. सयाना ने बताया कि दो माह में उक्त भवन चालू हो जाएगा, जहां भी कमियां हैं, दूर कर ली जाएंगी। विभाग के इंजीनियर को भवन के निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा। साथ ही कार्यदायी संस्था की डीपीआर का भी अध्ययन किया जाएगा। दोनों विभागों के इंजीनियर आपसी तालमेल से मामला सुलझा लेंगे।