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नहरों की मरम्मत के लिए बजट की कमी बनी रोढ़ा

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गोपेश्वर। जिला पंचायत सभागार में जिला पंचायत की नियोजन, विकास, प्रशासनिक, निर्माण, कार्य, शिक्षा, स्वास्थ्य, कल्याण और जल प्रबंधन समिति की बैठक हुई। बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र की समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं।
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बैठक में जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि दस से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को बंद न किया जाए। इस पर खंड शिक्षा अधिकारी बीएस मोल्फा ने कहा कि चमोली जिले में 203 में से 29 विद्यालयों में छात्र संख्या दस से कम हैं। एक किलोमीटर के दायरे में यदि दूसरा विद्यालय नहीं है, तो छात्र संख्या कम वाले विद्यालयों का संचालन बंद नहीं कराया जाएगा। जिला पंचायत सदस्यों ने कहा कि जूनियर हाईस्कूल नैल में 11 बच्चों को पढ़ाने के लिए तीन शिक्षकों की तैनाती की गई है, वहीं जूनियर हाईस्कूल फरकंडे में छात्र संख्या 71 पर मात्र दो शिक्षकों की तैनाती की गई है। इस पर अधिकारियों ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षक मानक के आधार पर रखे गए हैं। जिला पंचायत सदस्य माहेश्वरी कन्याल ने कहा कि बीते जून माह की आपदा से गंडासू सिंचाई नहर क्षतिग्रस्त पड़ी है। इस पर लघु सिंचाई विभाग के ईई विष्णुदत्त बेंजवाल ने कहा कि नहर की मरम्मत के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। सदस्य माहेश्वरी कन्याल ने कहा कि मोठा गांव के 15 परिवार पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने नंदाघरोली तोक से भनारकूड़ा तोक तक पेयजल निर्माण की मांग उठाई। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी देवी, मनोज भंडारी, राजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह नेगी, भागीरथी कुंजवाल, ऊषा देवी, गजपाल सिंह, गायत्री देवी, लक्ष्मी जोशी, हीरा सिंह फनियाल, शकुंतला, धन्ना देवी और रमवती देवी आदि मौजूद थे।
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