थराली। सीएचसी में विभाग ने डेंटल विभाग तो खोला है, मशीनें भी लगाई हैं, लेकिन यहां तीन माह से किसी भी मरीज के दांत का इलाज नहीं हो रहा है। यहां से तीन माह पूर्व विभाग ने डेंटल सर्जन का तबादला देहरादून कर दिया। तब से कमरे के बाहर ताला लटका हुआ है और मरीजों को निजी चिकित्सकों से महंगा उपचार कराना पड़ रहा है।
कनोल गांव के बलवंत सिंह ने बताया कि एक माह से दांत में दर्द हो रहा था। करीब 50 किमी चलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा लेकिन न डॉक्टर मिला न उपचार। ऐसे में निजी क्लीनिक से महंगी दवा लेकर लौटना पड़ा। ज्यूड़ा के राजेंद्र सिंह ने कहा कि दांतों की बीमारी के उपचार के लिए 70 किमी दूर कर्णप्रयाग जाना पड़ा। व्यापार संघ अध्यक्ष संदीप रावत ने कहा कि तीन माह बाद भी यहां किसी अन्य डॉक्टर की तैनाती नहीं की गई। ऐसे में क्षेत्र की करीब तीस हजार से अधिक आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जिले की मुख्य चिकित्साधिकारी डा. भागीरथी जंगपांगी का कहना है कि प्रदेश में जल्द 100 से अधिक डेंटल कर्मियों की नियुक्ति होने जा रही है। इसके बाद सभी अस्पतालों में डेंटल सर्जन भेजने के प्रयास किए जाएंगे।