गोपेश्वर। बदरीनाथ हाईवे पर कर्णप्रयाग से माणा तक करीब चार हजार हरे पेड़ ऑलवेदर रोड योजना की खातिर काटे जाएंगे। वन निगम ने बदरीनाथ हाईवे के दोनों ओर 128 किलोमीटर के दायरे में पेड़ों के कटान का कार्य शुरू कर दिया है। खासकर चीड़, खड़ीक, तुन के हरे पेड़ योजना की जद में आ रहे हैं। देवलीबगड़ से सोनला तक हाईवे के किनारे स्थानीय ग्रामीणों ने वर्षों पूर्व करीब आठ सौ घास प्रजाति के पौधों का रोपण किया था। यह पेड़ भी योजना की चपेट में आ रहे हैं।
वन विभाग की ओर से विगत मार्च माह में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को कर्णप्रयाग से माणा तक ऑलवेदर रोड के लिए 12,500 पेड़ों के कटान की संस्तुति भेजी गई थी, लेकिन मंत्रालय ने इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों के कटान की अनुमति देने से इंकार करते हुए संख्या घटाने के निर्देश दिए। विगत जुलाई माह में दोबारा पेड़ों के छपान का कार्य शुरू किए जाने पर पेड़ों की संख्या घटकर चार हजार आ गई। अब निगम की ओर से पेड़ों के कटान का काम भी शुरू कर दिया गया है। सोनला में पेट्रोल पंप क्षेत्र से पेड़ों के कटान का काम शुरू किया गया है। बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ एनएन पांडेय का कहना है कि जोशीमठ ब्लॉक के अंतर्गत सबसे कम पेड़ों का कटान होगा। कर्णप्रयाग से गरुड़ गंगा तक करीब तीन हजार पेड़ काटे जाएंगे, जबकि यहां से आगे माणा तक करीब एक हजार पेड़ काटे जाएंगे। मानक के अनुसार ही हाईवे के दोनों ओर पेड़ों का कटान किया जाएगा।
हेलंग से मारवाड़ी तक होगा हाईवे का निर्माण
ऑलवेदर रोड योजना में हेलंग से मारवाड़ी तक सड़क का निर्माण होना है। यहां भी पेड़ों के छपान और कटान का काम आगामी माह से शुरू हो जाएगा। जोशीमठ क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और व्यवसायी हाईवे का निर्माण जोशीमठ नगर से करने की मांग उठा रहे हैं। जोशीमठ के एसडीएम योगेंद्र सिंह का कहना है कि जोशीमठ क्षेत्र के लोगों के सुझाव को उच्च अधिकारियों के सम्मुख रखा गया है। जैसे ही सरकार से निर्देश प्राप्त होंगे, उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।