श्रीनगर। गढ़ नरेश की राजधानी देवलगढ़ में प्राचीन सिद्धपीठ श्री राजराजेश्वरी मंदिर में मंगलवार प्रात: चार बजे से अखंड महायज्ञ शुरू हो गया है।
इस मौके पर महिला मंगल दल भटज्ञेली, मंदोली, मलेथा गांवों की महिलाओं ने ढोल दमाऊं के साथ जल कलश यात्रा निकाली। जल कलश यात्रा टोली से अखाड़ा देवलगढ़, गौरा देवी, सत्यनाथ, कालनाथ, मुरली मनोहर मंदिर होते हुए राजराजेश्वरी सिद्धपीठ तक निकाली गई। अखंड महायज्ञ के तहत सिद्धपीठ राजराजेश्वरी मंदिर में श्रीमद्भागवत महापुराण का आयोजन भी शुरू हो गया। कथा व्यास आचार्य दीपक नौटियाल ने श्रीमद्भावगत महापुराण के महात्म्य के बारे में बताया।
सिद्धपीठ के मुख्य पुजारी कुंजिका प्रसाद उनियाल, माहेश्वरी उनियाल, दिनेश उनियाल, आचार्य अशोक पुरोहित, नत्थीराम उनियाल, संजय बहुगुणा, नवीन उनियाल और सोनू उनियाल ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ अखंड महायज्ञ शुरु किया। इस मौके पर बीरेंद्र जोशी, बसंती जोशी, नरेंद्र बिष्ट, एचपी उनियाल मौजूद रहे।