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तो शिक्षाधिकारी ने जल्दबाजी में किया शिक्षिका का निलंबन

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गोपेश्वर। प्राथमिक विद्यालय लंगासू में तैनात प्रधानाध्यापिका के निलंबन के मामले की शिक्षा निदेशालय ने जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) महावीर सिंह बिष्ट ने विद्यालय में पहुंचकर मामले की जांच की। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया जांच में पाया कि शिक्षा अधिकारी की ओर से निलंबन की कार्रवाई जल्दबाजी में की गई प्रतीत होती है। जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक को तीन दिन के भीतर अपना पक्ष रखने के आदेश दिए हैं। जिसके बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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बीते 14 नवंबर को जिला शिक्षा अधिकारी (बेसिक) नरेश हल्दियानी द्वारा प्राथमिक विद्यालय लंगासू का औचक निरीक्षण किया। जिसके बाद उन्होंने विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका शशि कंडवाल के विद्यालय से अनुपस्थित रहने की बात कहते हुए उनके निलंबन के आदेश जारी कर दिये थे। लेकिन मामले में जब स्थानीय लोगों द्वारा विभागीय अधिकारी द्वारा गलत कार्रवाई करने की बात सामने आई तो तत्काल शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने मामले में जांच के आदेश दे दिये। जिसे देखते हुए मंगलवार को अपर शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट ने विद्यालय में पहुंचकर प्रधानाध्यापिका सहित एसएमसी (विद्यालय प्रबंध समिति) व स्थानीय लोगों से मामले की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि शिक्षिका शशि 14 नवंबर को विभाग की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रों को लेकर कर्णप्रयाग गई थी। जिसकी सूचना शिक्षिका की ओर से विभागीय अधिकारियों को दी गई थी। विद्यालय में भ्रमण पंजिका में भी शिक्षिका की ओर से विद्यालय से बाहर जाना अंकित किया गया था।
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