फोटो फाइल नेम-
बेलगाम राफ्टिंग व्यावसायी कानून की उड़ा रहे धज्जियां
-- हाईवे पर दौड़ रहे छतों पर खुली राफ्टें रखकर वाहन
-- नदी तटों को बना डाला अड्डा, अव्यवस्था का आलम, पुलिस मूकदर्शक बनी
अमर उजाला ब्यूरो
मुनिकीरेती । मुनिकीरेती क्षेत्र में राफ्टिंग व्यावसायी पूरी तरह से बेलगाम हो गए हैं। राफ्टिंग संचालकों द्वारा खुली राफ्टों को वाहनों की छतों पर बांधकर खुलेआम सड़कों पर दौड़ाने की घटनाएं आम हो चुकी हैं। इतना ही नहीं व्यस्त बदरीनाथ हाईवे पर जगह-जगह राफ्ट लदे वाहनों को अनधिकृत रूप से पार्क देखा जा सकता है, जोकि क्षेत्र में जाम का कारण बन रहे हैं। साथ ही इनसे अक्सर दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।
मुनिकीरेती के कैलासगेट से लेकर शिवपुरी तक राफ्टिंग व्यावसायियों द्वारा खुलेआम कायदे-कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कंपनियों के निजी कार्यालयों से राफ्टिंग केंद्रों तक खुली राफ्टों को वाहनों की छतों पर बांधकर ले जाई जा रही हैं, जबकि नियमानुसार राफ्ट संचालक वाहनों की छतों पर खुली राफ्टें नहीं ले जा सकते। इससे सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा हाईवे के इस पैच में जगह-जगह राफ्ट वाहनों को हाईवे के किनारे पार्क देखा जा सकता है। खासकर कुंभ मेला बस पार्किंग, खारास्रोत, मुनिकीरेती व तपोवन क्षेत्र में हाईवे के किनारे खड़े राफ्ट लदे वाहन हर रोज जाम का कारण बन रहे हैं।
पुलिस जाम की समस्या की वजह बन चुके इन राफ्ट वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। गौरतलब है कि तीर्थनगरी में राफ्टिंग व्यवसाय उद्योग के तौर पर विकसित हो चुका है, जिसके चलते देसी विदेशी सैलानी यहां गंगा में व्हाइट वाटर राफ्टिंग का लुत्फ उठाने आते हैं। मगर यहां राफ्टिंग व्यावसायियों की मनमानी के चलते उन्हें बदरीनाथ हाईवे पर लगने वाले जाम से हलकान होना पड़ता है।
इतना ही नहीं मुनिकीरेती के खारास्रोत व कुंभ मेला बस पार्किंग के आसपास भीड़ भरे इस इलाके में व गंगा तटों पर राफ्टिंग व्यावसायियों के कारण अतिक्रमण बढ़ गया है। मुनिकीरेती नाव घाट, खारास्रोत व कुंभ मेला बस पार्किंग के आसपास का गंगा तट को पर्यटकों को राफ्ट से उतारने का केंद्र बनाए जाने से अव्यवस्था का आलम बना रहता है, जिससे यहां गंगा स्नान के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।