श्रीनगर। देहरादून में मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता से असंतुष्ट उफल्डा के ग्रामीणों ने 22 नवंबर से फिर आंदोलन की चेतावनी दी है। ग्रामीण उनके गांव कोे पालिका क्षेत्र मिलाने का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीण कुशाल रावत, गुमान सिंह नेगी और सरोप सिंह ने तहसील परिसर में पांच दिन तक आमरण भी किया था। 6 नवंबर को पौड़ी विधायक मुकेश कोली ने अनशन स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को मुख्यमंत्री से वार्ता करने का भरोसा दिलाया था। तब विधायक के आश्वासन पर ग्रामीणों ने अनशन समाप्त कर दिया था।
ग्रामीण कुशाल सिंह रावत ने बताया कि ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून में मुख्यमंत्री से वार्ता की, लेकिन ग्रामीण वार्ता से संतुष्ट नहीं हैं। इस पर ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि 22 नवंबर से फिर धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की जाती आंदोलन जारी रहेगा।