कर्णप्रयाग/गैरसैंण। आगामी 7 से 13 दिसंबर तक प्रस्तावित शीतकालीन विधानसभा सत्र की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आशीष जोशी ने भराड़ीसैंण में अधिकारियों की बैठक लेते हुए सभी व्यवस्थाएं निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने विधानसभा परिसर, विधायक आवास सहित अधिकारियों के आवासों का भी मौका मुआयना किया।
सोमवार को जिलाधिकारी ने भराड़ीसैंण पहुंचकर लोनिवि, एनएच, ऊर्जा, जल संस्थान, स्वास्थ्य, शिक्षा, पुलिस आदि प्रमुख विभागीय अधिकारियों को सत्र के दौरान होने वाली व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के लिए कहा। सत्र के सफल आयोजन के लिए जल्द जोनल तथा सेक्टर मजिस्ट्रेटों की तैनाती करने की बात कही गई। साथ ही गौचर, भराड़ीसैंण, सलियाना बैंड स्थित हैलीपैडों में फायरब्रिगेड, सेफहाउस तथा अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। जिलाधिकारी ने कर्णप्रयाग और कुमाऊं से भराड़ीसैंण तक राष्ट्रीय राजमार्ग को सुदृढ़ करने, बिजली, पानी की आपूर्ति को सुचारु करने के साथ ही कर्णप्रयाग, गौचर, गैरसैंण, सिमली आदि पंपों पर पेट्रोल, डीजल पर्याप्त मात्रा में रखने, सरकारी दुकानों में खाद्य सामग्री को स्टॉक रखने के साथ ही गौचर से लेकर गैरसैंण तक सभी सरकारी गेस्ट हाउस को रिजर्व करने के लिए के निर्देश गैरसैंण तहसील प्रशासन और अन्य अधिकारियों को दिए। बैठक में एडीएम इला गिरी, उप जिलाधिकारी स्मृता परमार, सीटीओ वीरेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता लोनिवि गैरसैंण डीपी सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी एलएम चमोला सहित जल संस्थान, विद्युत, पूर्ति, स्वास्थ्य, एनएच, पुलिस, नगर पंचायत, जीएमवीएन, वन निगम व निर्माण कार्यदायी संस्था एनबीसीसी आदि विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
सुरक्षा की दृष्टि से 6 सेक्टरों में बांटा गैरसैंण
थानाध्यक्ष गैरसैंण रविंद्र सिंह नेगी ने बताया कि विधानसभा सत्र के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से गैरसैंण को दो जोन एवं 06 सेक्टरों में बांटा गया है। शीतकालीन सत्र के दौरान होने वाले विभिन्न धरना प्रदर्शनों के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की कसरत शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस बलों को ठहरने के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। एनबीसीसी ओपी बहुगुणा ने बताया कि विधायक आवासों के 60 कमरों में फर्नीचर, बेड, विस्तर आदि की व्यवस्था की जा चुकी है।
विस सत्र के दौरान काफी ठंड बनेगी चुनौती
लक्ष्मी प्रसाद कुमेड़ी
कर्णप्रयाग। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में सात दिसंबर से प्रस्तावित शीतकालीन विधानसभा सत्र में मौसमी ठंड से निपटना प्रशासन के लिए चुनौती होगा। इस दौरान बर्फबारी की संभावना को देखते हुए हालांकि प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। लेकिन सत्र के दौरान माननीयों के अलावा सैकड़ों सुरक्षा बलों और अधिकारियों, कर्मियों को 0 से 6 डिग्री तक रहने वाले आम तापमान मुश्किलें पैदा कर सकता है।
दूधातोली पर्वतश्रृंखलाओं के बीच बसे भराड़ीसैंण का मनोरम नजारा जहां लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। वहीं दिसंबर, जनवरी में यहां पड़ने वाली बर्फ और भरी दोपहर में चलने वाली हिम हवाएं किसी चुनौती से कम नहीं। ऐसे में सात दिसंबर से होने वाले सत्र के लिए यहां जिला प्रशासन को सुविधाएं जुटाना किसी चुनौती से कम नहीं। हालांकि जिला प्रशासन ने सोमवार को आयोजित बैठक में सत्र के दौरान बर्फबारी की स्थिति में स्नोकटर, स्नो ब्लोअर की व्यवस्थाओं पर जोर दिया है। साथी पानी जमने या बंद होने की स्थिति में अतिरिक्त टेंकरों की व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। यही नहीं माननीयों को रूकने के लिए बिस्तर, फर्नीचर सहित अन्य व्यवस्थाओं को भी चाक चौबंद करने का काम प्रशासन ने अभी से शुरू कर दिया है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती यहां सुरक्षा में ड्यूटी कर रहे सैकड़ों जवानों के लिए है। हालांकि प्रशासन अलाव की व्यवस्था पर भी ध्यान दे रहा है। जिसके लिए जिलाधिकारी आशीष जोशी ने वन निगम के अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं।