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गंगा के सीना चीरने को फीता काटकर हिंदू धर्म को कलंकित कर रहे यतीश्वरानंद: शिवानंद

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने खनन खोलने पर जिलाधिकारी दीपक रावत और विधायक स्वामी यतीश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने डीएम पर माफियाओं से मिलकर खनन खोलने की अनुमति देने और स्वामी यतीश्वरानंद पर गंगा को रौंदने एवं सीना चीरने के खनन कार्य का शुभारंभ करने पर हिंदू धर्म को कलंकित करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रशासन पर हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाते हुए फिर से वाद दायर करने को चेतावनी दी। वहीं मातृसदन में 22वें दिन ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद की तपस्या जारी रही।
सोमवार को मातृसदन में प्रेसवार्ता करते हुए स्वामी शिवानंद सरस्वती ने वन निगम के खनन खोलने का विरोध किया। कहा कि रायवाला से भोगपुर तक कुंभ क्षेत्र में किसी प्रकार का खनन या चुगान गंगा में नहीं हो सकता। इसके बावजूद डीएम खनन खोलने की अनुमति दे रहे हैं। कहा कि डीएम खनन माफिया एक चिठ्ठी पर तत्काल कार्रवाई करते हैं, जबकि उनकी ओर से भेजी गई दर्जनों चिठ्ठी का कोई जवाब नहीं दिया है।
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कहा कि कुंभ क्षेत्र के विस्तार की जरूरत है और विभिन्न रिपोर्टों से साबित हो चुका है कि भूमि में पत्थर बहुत जरूरी है। इसके बावजूद लगातार खनन करने की अनुमति दी जा रही है। गंगा के क्षेत्र में 50 से अधिक स्टोन क्रशर खोले जा चुके हैं। स्टोन क्रशर वालों ने अपने परिसर और आसपास में खनन सामग्री निकालकर गहरे गड्ढ़े खोद डाले हैं, इनकी जांच के लिए प्रशासन ने कोई कदम नहीं उठाए। उन्होंने वन निगम में खनन के लिए नए गेट खोलने की अनुमति देने पर डीएम दीपक रावत को घेरा। साथ ही भाजपा के विधायक स्वामी यतीश्वरानंद पर वन निगम के गेटों का फीता काटने पर उन्हें गंगा विरोधी करार दिया। स्वामी शिवानंद ने कहा कि खनन के गेट खुलने से हजारों ट्रक गंगा को रौंदते हुए गुजरेंगे, इससे गंगा का अपमान होगा। उन्होंने कहा कि स्वामी यतीश्वरानंद एक संन्यासी है उन्हें गंगा का सम्मान करना चाहिए। लेकिन वह हिंदू धर्म का सही तरीके से पालन नहीं कर रहे हैं।
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अवैध खनन का विरोध : यतीश्वरानंद
भाजपा विधायक स्वामी यतीश्वरानंद ने गंगा बचाने की मुहिम में जुटे मातृसदन का सम्मान करने की बात कही। कहा कि वह अवैध खनन के विरोध में है और इस मुहिम में मातृसदन के साथ हैं, लेकिन सहायक नदियों में चुगान जरूरी है। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और मकान बनाने के लिए निर्माण सामग्री मिल सकेगी। खनन सामग्री से ही तटबंध, हाईवे, संपर्क मार्गों का निर्माण हो सकेगा। उन्होंने कहा कि चुगान होने से नदियों में उफान नहीं आएगा और समतलीकरण होगा। कहा कि मातृसदन के आंदोलन से कुंभ क्षेत्र बचा हुआ है, अन्यथा खनन माफिया वर्षों पहले बर्बाद कर देते।
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