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गेहूं के बुआई के लिए बीजों का चयन अहम

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अमर उजाला ब्यूरो
धनौरी।
गेहूं की बुआई के लिए किसानों को बेहद सावधानी बरतने की आवश्यकता है। गेहूं की अगेती एवं पछेती बुआई में बीजों का सही चयन बेहद जरूरी है। साथ ही किसानों को खेत की मिट्टी की जांच और खादों का भी संतुलित मात्रा में प्रयोग करना चाहिए।
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कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि किसान गेहूं की उन्नत खेती के लिए समय से बुआई करें। नवंबर माह में गेहूं की बुआई के लिए यूपी 2784, यूपी 2785, यूपी 2628, यूपी 2554, एचडी 2687, पीबीडब्ल्यू 550, एपीबीडब्ल्यू 17 आदि प्रजातियो में से चयन कर की बुआई कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा वे किसान जिन्हें अगले माह दिसंबर में या गन्ने की कटाई के बाद गेहूं की बुआई करनी है, वह किसान यूपी 2565, यूपी 2526, यूपी 2425, पीबीडब्लू 16, पीबी डब्लू 71 आदि प्रजातियों में से चयन कर बुआई कर सकते है। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. योगेंद्र पाल सैनी ने बताया कि गेहूं बुआई से पहले किसान खेत की मिट्टी की जांच कराएं। साथ ही उर्वरक एवं खादों का संतुलित मात्रा मे प्रयोग करें। जिन किसानों ने मिट्टी का परीक्षण नहीं कराया है, वे कृषक समय से बुआई के लिए 150 किलोग्राम नाइट्रोजन, 60 किलोग्राम फॉस्फोरस एवं 40 किलोग्राम पोटास को मिट्टी में डालकर बुआई करे। जो किसान देरी से बुआई करेंगे वे 80 किलोग्राम नाईट्रोजन, 40 किलोग्राम फास्फोरस तथा तीस किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर की दर से डाले। किसान इसके अलावा बुआई से पूर्व बीज को फफूंदीनाशक दवा कार्बेंडिज्म 2.5 ग्राम प्रति किलोग्राम गेहूं की दर से उपचारित कर बुआई करें। किसान जानकारी के लिए कृषि विज्ञान केंद्र से संपर्क कर सकते है।
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