गोपेश्वर। बदरीनाथ धाम में रविवार से वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो गया है। रविवार सुबह पांच बजे बदरीनाथ की अभिषेक और महा अभिषेक पूजा के बाद वेदपाठियों ने वेद पुस्तक, खड़क पुस्तक, विष्णु सहस्रनाम और भागवत पुराण की पुस्तकें बदरीनाथ धाम के गर्भगृह में स्थापित कीं। अब ये धार्मिक पुस्तकें आगामी वर्ष बदरीनाथ के कपाट खुलने पर ही बाहर निकाली जाएंगी। सोमवार को लक्ष्मी मंदिर में कड़ाई भोग का आयोजन होगा।
आगामी 20 नवंबर को बदरीनाथ धाम के कपाट अपराह्न तीन बजकर 21 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे। इसके तहत कपाट बंद होने की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू हुईं। शनिवार को आदि केदारेश्वर मंदिर के कपाट बंद हुए और रविवार को धाम में वेद ऋचाओं का वाचन बंद हो गया है। धाम के कपाट बंद होने तक बदरीनाथ की पूजा गुप्त मंत्रों से होंगी। सोमवार को बदरीनाथ के कपाट बंद होने के तहत बदरीनाथ मंदिर परिक्रमा मंडप में स्थित लक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कड़ाई भोग का आयोजन किया जाएगा।