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मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से दो मरीज लौटे

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श्रीनगर/जोशीमठ। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना (एमएसबीवाई) योजना के बंद होने से गरीब मरीज इलाज से वंचित हो गए है। योजना के बंद होने से लोगों में आक्रोश है। योजना को बंद करने का जोशीमठ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने विरोध किया है। कमेटी के कार्यकर्ताओं ने शनिवार को सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला भी फूंका। योजना के बंद होने से शनिवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से दो मरीजों बैरंग लौटना पड़ा। मेडिकल कॉलेज के बेस अस्पताल की ओपीडी पंजीकरण के बाहर एमएसबीवाई सेवा बंद होने संबंधी नोटिस भी चस्पा कर दिया गया है। मेडिकल कॉलेज को गत दिवस सेवा बंद होने का ईमेल मिला, जिसकी एक प्रति अस्पताल प्रशासन ने पंजीकरण काउंटर के आगे चस्पा कर दिया बै।
अस्पताल के ‘मे आई हेल्प यू’ इंचार्ज अरुण बडोनी ने बताया कि शुक्रवार और शनिवार को 1-1 मरीज के तीमारदार एमएसबीआई कार्ड लेकर आए थे। उनको सेवा बंद होने के बारे में बता दिया गया। बेस अस्पताल में प्रत्येक माह 150-200 के बीच मरीज एमएसबीवाई सुविधा का लाभ उठाते हैं।
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कांग्रेस ने सेवा बंद करने पर प्रदेश सरकार की आलोचना की है। युवक कांग्रेस देवप्रयाग के प्रताप भंडारी ने कहा कि हरीश रावत ने जरुरतमंद लोगों के लिए यह योजना शुरू की थी, जिसे डबल इंजन की सरकार ने बंद कर दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पहाड़ में डॉक्टरों को तो नहीं ला पा रही है, उल्टे जो सेवा मिल भी रही है उसे भी नहीं चला पा रही है। उन्होंने कहा कि यदि योजना का पूर्व की भांति संचालन नहीं हुआ, तो प्रदेश सरकार का पुतला फूंका जाएगा।

कोटद्वार में बीमा कार्ड लेकर भटक रहे लोग
कोटद्वार। कोटद्वार राजकीय संयुक्त चिकित्सालय में गरीब लोग बीमा कार्ड को हाथ में लेकर इलाज के लिए भटक रहे हैं। अस्पताल प्रशासन को गत नौ नवंबर को योजना के बंद होने का सर्कुलर प्राप्त हुआ। ऐसे में कार्ड लेकर पहुंचने वाले मरीजों को बैंरग लौटा दिया जा रहा है।
पदमपुर सुखरौ निवासी रतनलाल, कुंभीचौड़ निवासी प्रेम सिंह रावत, दुगड्डा निवासी बुद्धिराम व रामेश्वरी देवी ने प्रदेश सरकार पर गरीबों की अनदेखी का आरोप लगाया। कहा कि उनका एक वर्ष से सरकारी अस्पताल में बीमा कार्ड से इलाज चल रहा है। अब उन्हें कार्ड से दवाई नहीं दी जा रही है। उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। ऐसे में इलाज नहीं होने से वे परेशान हैं। उधर, अस्पताल के सीएमएस डा. आईएस सामंत ने बताया कि देहरादून से सर्कुलर आने के बाद पिछले तीन दिन से मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा कार्ड की सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। गरीब मरीजों को इलाज की व्यवस्था की जाएगी।

रुद्रप्रयाग में 4 हजार से अधिक कार्ड धारकों में मायूसी
रुद्रप्रयाग। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना बंद किए जाने से जिले के 4000 से अधिक कार्ड धारक मायूस हो गए हैं।
हालांकि बीते तीन दिन में जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग, सीएचसी अगस्त्यमुनि व जखोली सहित अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में योजना से संबंधित एक भी मरीज भर्ती नहीं हुआ है। हालांकि ओपीडी के मरीजों को मायूसी हाथ लगी। जिला अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अगस्त 2016 से नवंबर 2017 तक 191 मरीजों का योजना के तहत उपचार किया गया है। इधर, योजना के बंद होने से गरीबी लोगों में मायूसी है। कहना है कि, योजना के सहारे वे अपने बीमार लोगों को सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड की सुविधा के साथ ऑपरेशन करा पा रहे थे लेकिन, अब खासी दिक्कतें होंगी। वरिष्ठ कांग्रसी प्रदीप बगवाड़ी ने कहा कि योजना को बंद करना दुर्भाग्यपूर्ण हैं।

चमोली जिले में 60 हजार को लगा झटका
गोपेश्वर। योजना के बंद होने से चमोली जिले के साठ हजार से अधिक कार्डधारकों को झटका लगा है। उनका कहना है कि सरकार का यह निर्णय गरीबों के हितों पर कुठाराघात है। नंदप्रयाग, घाट, पोखरी, मंडल, निजमूला व उर्गम घाटी के ग्रामीणों में भी नाराजगी है। बलवंत सिंह राणा, कलसिर गांव निवासी का कहना है कि उनकी भाभी गोदांबरी देवी दो दिन पूर्व घास काटते वक्त चट्टान से गिर गई थी, तो उन्हें देहरादून स्थित दून अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ नहीं दिया गया। गोपेश्वर जिला अस्पताल में एक वर्ष में एक लाख 30 हजार लोगों ने इस योजना का लाभ उठाया था। नंदप्रयाग की पीतांबरी देवी, शाकांबरी और सतेश्वरी देवी का कहना है कि स्वास्थ्य बीमा योजना से गरीब तबके के लोगों को अच्छा फायदा पहुंच रहा था। प्रधान संगठन के प्रदेश प्रवक्ता तेजवीर कंडेरी का कहना है कि यदि सरकार ने योजना को दोबारा शुरू नहीं किया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।

फैसला वापस न लेने पर कांग्रेस ने दी आंदोलन की चेतावनी
जोशीमठ। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना को बंद करने का ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने शनिवार को सरकार के विरोध में प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। कार्यकर्ताओं ने योजना को बहाल नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष हरीश भंडारी ने कहा कि सरकार के इस फैसले से राज्य की गरीब जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ जाएगा। योजना को बंद कर मुख्यमंत्री ने जनता के प्रति अपनी संवेदना को प्रकट किया है। इस मौके पर दिगंबर बिष्ट, शैलेन्द्र पंवार, रोहित परमार, ठाकुर सिंह राणा, लक्ष्मी लाल, मनोज, करन सिंह, विक्रम भुजवाण और उमेश राणा आदि मौजूद थे।
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