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अब फाकी तोक होगा कनोल गांव के ग्रामीणों का ठोंर-ठिकाना

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गोपेश्वर। लंबे इंतजार के बाद आपदा प्रभावित कनोल गांव के पुनर्वास को शासन से हरी झंडी मिल गई है। प्रदेश सरकार ने कनोल गांव को फाकी तोक में पुनर्वासित करने के लिए मंजूरी दे दी है। गांव के 60 परिवारों के पुनर्वास के लिए शासन से एक करोड़ 95 लाख रुपये भी स्वीकृत हो गए हैं। अब जल्द ही गांव का पुनर्वास हो जाएगा।
वर्ष 2013 के जून माह में अतिवृष्टि से कनोल गांव में भू-धंसाव शुरू हो गया था। तब से ग्रामीण दहशत में जी रहे हैं। वर्ष 2016 में भी आपदा से गांव में भू-धंसाव बढ़ गया था। ग्रामीण तब से गांव के पुनर्वास की मांग उठा रहे थे। अब शासन ने कनोल गांव के 60 परिवारों को फाकी तोक में पुनर्वासित करने के लिए अपनी ओर से संस्तुति दे दी है। प्रत्येक आपदा प्रभावित को मकान बनाने के लिए तीन लाख रुपये दिए जाएंगे। साथ ही 15 हजार रुपये गोशाला निर्माण और 10 हजार रुपये पुनर्वास भत्ता दिया जाएगा। कनोल गांव निवासी पार सिंह का कहना है कि देरी से सही, लेकिन सरकार ने हमारी सुन ली है। गांव के सभी मकान क्षतिग्रस्त हैं और मजबूरी में इन्हीं मकानों में रहने को मजबूर हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी ने बताया कि जल्द आपदा प्रभावितों को किश्तों में धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। ग्रामीणों ने ही पुनर्वास के लिए फाकी तोक का चयन किया था। यहां पानी, बिजली और पहुंच मार्ग की व्यवस्था की जाएगी।
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अब सड़क के लिए करेंगे संघर्ष
गोपेश्वर। घाट ब्लॉक के अंतर्गत कनोल गांव के ग्रामीण आज भी अपने गंतव्य तक जाने के लिए आठ किलोमीटर पैदल चलते हैं। घाट-सुतोल मोटर मार्ग के छोरागाड गदेरे से ग्रामीण खड़ी चढ़ाई वाली पगडंडी नापकर गांव तक पहुंचते हैं। भाजपा नेता गौर सिंह, गब्बर सिंह, बलवंत सिंह, मेहरबान सिंह और उमराव सिंह का कहना है कि गांव के पुनर्वास के लिए भी ग्रामीणों ने लंबे समय तक संघर्ष किया। जिला मुख्यालय पर भूख हड़ताल की। अब यह मांग पूरी हो गई है। अब गांव तक सड़क पहुंचाने के लिए संघर्ष करेंगे।
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इन गांवों को है पुनर्वास का इंतजार
चमोली जिला प्रशासन की सूची में कनोल गांव के साथ ही आपदा प्रभावित गणांई, दाड़मी, भ्याड़ी, छपाली और त्यूला गांव पुनर्वास के लिए शीर्ष प्राथमिकता में रखे गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी का कहना है कि सभी गांवों की सूची शासन को भेजी गई है। जैसे ही शासन से गांवों के पुनर्वास के लिए बजट उपलब्ध कराया गया, तो शीघ्र इन गांवों का भी प्राथमिकता के आधार पर पुनर्वास कर लिया जाएगा।
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