अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
हरिपुर कलां में एक आश्रम का नवनिर्माण सील करने पर क्षेत्रवासी आश्चर्य चकित हैं। उनका कहना है कि एक साल से भी अधिक समय से बहुमंजिला निर्माण चल रहा था। प्राधिकरण के जेई, एई अवैध निर्माण होता देखते रहे हैं और जब बहुमंजिला निर्माण पूरा हो गया तब उसको प्राधिकरण ने सील कर दिया है। हालांकि सील के बाद भी बृहस्पतिवार को काम होता रहा है।
हरिपुर कलां क्षेत्र में अवैध निर्माणों की भरमार है। यहां 400 से 500 फीट जमीन पर 4 से 5 मंजिले अपार्टमेंट बने हैं। जिनमें कई निर्माण प्राधिकरण ने कागजों में सील भी कर रखा है। बिल्डरों ने निर्माण कंपलीट कर फ्लैट बेच भी दिए हैं। बुधवार को प्राधिकरण ने स्वामी संत शिरोमणि श्री महाराज, अवधूत उदासीन ब्रह्म शिशु मंदिर एवं निरपेक्ष संन्यास आश्रम हरिपुर कलां का निर्माण अवैध बताते हुए सील किया था। इस कार्रवाई को लेकर प्राधिकरण के अधिकारी हंसी का पात्र बन रहे हैं। एचआरडीए सचिव वंशीधर तिवारी भी इस बात को स्वीकारते हैं कि अवैध निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई निर्माण शुरू होते ही की जानी चाहिए थी। इस संबंध ते प्राधिकरण के सभी सर्किलों के जेई व एई को निर्देशित किया गया है कि अवैध निर्माण जहां कहीं भी शुरू होता है उसको रोकने की कार्रवाई तत्काल शुरू कर दी जाए, ताकि इस प्रकार की स्थिति पैदा न हो।