गोपेश्वर। सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर घूनी गांव के मध्य भाग में खड़िया का खनन हो रहा है, जिससे गांव के करीब चालीस परिवारों को खतरा बना हुआ है। जहां खनन कार्य चल रहा है, वहां समीप ही प्राथमिक विद्यालय भी है। इससे छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन में दिक्कतें आ रही हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से खनन कार्य को रोकने की मांग उठाई।
घाट ब्लाक के घूनी गांव में जिला प्रशासन की ओर से वर्ष 2014 में खड़िया के खनन के लिए अनुमति दी गई थी। तब से यहां खनन व्यवसायी लगातार खनन कार्य करवा रहे हैं। गांव के बीचों-बीच हो रहे खनन से गांव के ऊपरी और निचले क्षेत्रों में आवासीय भवनों को भी खतरा बना है। यहां पास ही स्थित प्राथमिक विद्यालय में खनन से उड़ने वाली धूल से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। प्रभावित दीपा देवी का कहना है कि खनन पट्टे की जांच होनी चाहिए। गांव के मध्य भाग में सरकार ने खनन की अनुमति कैसे दे दी। यहां कई पेड़ भी थे, जिन्हें जेसीबी की मदद से अवैध रूप से उखाड़ दिया गया। इससे मकानों को भी खतरा बना है। ग्राम प्रधान बसंती देवी ने बताया कि इस समस्या को कई बार बीडीसी बैठक में उठा चुके हैं लेकिन इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इधर, एसडीएम परमानंद राम का कहना है कि घूनी गांव में खड़िया खनन कार्य की जांच चल रही है। जल्द ही जांच जिला प्रशासन को सौंप दी जाएगी। इसी के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।