अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
श्री पंचायती अखाड़ा निर्मला के महंत एवं संतों ने बैठक कर प्रयाग कुंभ की तैयारियों को लेकर कई निर्णय लिए। अखाड़ा के चार मंडलों के पदाधिकारियों ने अखाड़ा की संपत्ति के संरक्षण का निर्णय लिया। कहा कि विवादों को सुलझाने को लेकर भी चर्चा की गई।
बुधवार को कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मला की निर्मल बेग की जनरल बॉडी की बैठक में अखाड़ा से जुड़े चार मंडलों में निर्मला दुआबा मंडल, निर्मला संत मंडल, प्राचीन महामंडल और इंटरनेशनल संत समाज शामिल हुए। बैठक में श्रीमहंत ज्ञानदेव सिंह ने कहा कि प्रयाग कुंभ 2019 में अखाड़ों से जुड़े सभी शाखाओं की महंत-संत शामिल होंगे। जिसके लिए स्नान करने से लेकर रहने खाने-पीने के साथ अन्य व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। इसके साथ सभी मंडलों के अध्यक्ष संत नरेंद्र जीत सिंह, संत हरकिशन सिंह सोढ़ी, संत तेजा सिंह और महंत शमशेर सिंह ने अखाड़ा की संपत्ति को खुर्द-बुर्द होने और विवादों से दूर रहने को कहा। उन्होंने कहा कि अखाड़ा की भूमि या अन्य संपत्ति को बेचा जाना दुर्भाग्य है। बैठक में भविष्य में भूमि को न बेचने की सहमति बनी। वहीं पुराने मुद्दों पर कोई चर्चा करने से बैठक में दूरी बनाकर रखी। इस मौके पर महंत भूपेंद्र सिंह, संत सुखवंत सिंह, संत गुरुचरण सिंह, संत जुगराज सिंह, भगवंत भजन सिंह, गुरविंदर सिंह, जसविंद्र सिंह , लक्ष्मण सिंह शर्मा, कमलजीत सिंह, अमनदीप सिंह, देवेंद्र सिंह, महंत प्यारा सिंह, इंद्रजीत सिंह, महंत मुखिया बाबू सिंह, विक्रमजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह कैलपर, हरभजन सिंह आदि शामिल हुए।