अमर उजाला ब्यूरो
पथरी।
ग्राम पंचायतों को भारी भरकम बजट जारी करने के बाद भी कई गांव ऐसे हैं जहां ग्राम पंचायत का भवन नहीं होने से ग्रामीणों को खुले आसमान के नीचे बैठक करनी पड़ रही है।
चमरावल, आदर्श टिहरी नगर समेत क्षेत्र के कई गांवाें में पंचायत घर नही हैं। भुवापुर चमरावल के ग्राम प्रधान अजितेश का कहना है कि साल 2011 में गांव को ग्राम पंचायत का दर्जा मिला था। इससे पहले उनका गांव बादशाहपुर ग्राम पंचायत से जुड़ा हुआ था। आदर्श टिहरी नगर की ग्राम प्रधान मंजू देवी का कहना है कि 2016 में उनकी ग्राम पंचायत से टिहरी डोब नगर को हटाकर अलग ग्राम पंचायत का दर्जा दिया गया। जिससे पुराना पंचायत घर टिहरी डोब नगर में है। कमोबेश यही स्थिति चांदपुर गांव की है। ग्राम प्रधान अब्बास अली की मानें तो पिछले पंचायत चुनाव से पहले उनके गांव को ग्राम पंचायत का दर्जा मिला है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि नवगठित ग्राम पंचायतों में पंचायत घर के निर्माण के लिए बजट उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को लगातार लिखा पढ़ी करने के बाद भी बजट जारी नहीं किया गया। दूसरी ओर बीडीओ नरेंद्र भंडारी का कहना है कि इन गांवों में पंचायत घर बनाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन से बजट जारी होने के साथ ही पंचायत घरों का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।