अमर उजाला ब्यूरो
लालढांग।
लालढांग क्षेत्र में क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत नहीं होने से किसानों के समक्ष सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। किसानों की मानें तो नहरों की मरम्मत के लिए विभागीय अफसरों को कई बार अवगत कराया, लेकिन उनकी एक नहीं सुनीं गई। किसानों ने चेतावनी दी है कि नहरों की मरम्मत कर जलापूर्ति नहीं करने पर आंदोलन किया जाएगा।
लालढांग और आसपास के इलाकों मेें खेतों की सिंचाई का मुख्य साधन नहरें हैं। लघु सिंचाई विभाग की ओर से बनाई गई नहरें बरसात के दिनों में जगह- जगह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं। जिससे किसानों को खेतों तक पानी ले जाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं। जिससे सैकड़ों बीघा जमीन पानी के अभाव में सूख रही हैं। लघु सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कई बार अवगत करा दिया गया है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर क्षतिग्रस्त नहरों की जल्द मरम्मत करने की मांग की है। ग्रामीणों कृपाल सिंह, गोविंद सिंह , विजेंद्र कुमार, सुभाष सिंह, गणेश मणि घिल्डियाल, जितेंद्र उपाध्याय, रोहित नेगी, रघुवीर सिंह नेगी के साथ ही ग्राम प्रधान प्रताप सिंह लिंगवाल का कहना है कि लघु सिंचाई विभाग के अफसरों को कई बार अवगत कराया गया लेकिन उन्होंने कोई सुध नही ली। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि नहरों की मरम्मत कर जलापूर्ति नही की गई तो वे अफसरों का घेराव करने के साथ ही यातायात बाधित कर देंगे।