हरिद्वार। ऋषिकुल आयुर्वेद परिसर में अध्ययनरत छात्र दीपक रावत की डेंगू से मौत हो गई। उनका इलाज पहले ऋषिकुल और मिशन अस्पताल में हुआ, लेकिन हालत बिगड़ने पर जौलीग्रांट में भर्ती किया गया। जहां उपचार के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई। दीपक के पिता और माता ने छात्रों के सहयोग से शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार ऋषिकुल आयुर्वेद परिसर में बैच-2013 के अंतिम वर्ष के छात्र दीपक रावत को 15 दिन पहले बुखार हुआ। उसे कनखल स्थित मिशन अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उसकी हालत बिगड़ने पर जौलीग्रांट अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो सका और रविवार को उसकी मौत हो गई। मूल रूप से पौड़ी निवासी दीपक रावत कनखल में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। सहपाठी छात्रों ने उसके परिजनों को संपर्क कर बुलाया। दीपक के पिता और माता रविवार को यहां पहुंचे। उन्होंने कॉलेज के स्टाफ और छात्रों के सहयोग से कनखल स्थित श्मशान घाट पर कर दिया। ऋषिकुल कालेज के मेडिकल के छात्रों में शोक व्याप्त हो गया। कालेज के निदेशक डा. सुनील जोशी ने बताया कि दीपक रावत को डेंगू के साथ टाइफाइड भी हो गया था।