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मंत्री से उतरी हरिद्वारवासी खासे नाराज

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक से उत्तरी हरिद्वार के लोग खासे नाराज हो गए हैं। उन पर क्षेत्र की स्वीकृत सीवर लाइन योजना को दूसरे क्षेत्र में ले जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
शहरी विकास मंत्री ने चंद्राचार्य चौक पर अमृत योजना में स्वीकृत करीब साढ़े 8 करोड़ रुपये लागत की तीन सीवर लाइन योजनाओं का तीन दिन पहले शुभारंभ किया था। इसमें सीवरेज की सुविधा से वंचित उत्तरी हरिद्वार का क्षेत्र शामिल नहीं होने से क्षेत्रवासियों में मंत्री के खिलाफ उबाल है। यह पहला मौका है कि जब भाजपाई ही सबसे अधिक मुखरता से मंत्री से नाराजगी जता रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध की मुहिम छेड़ रखी है। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को पहली बार अपने ही कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
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उत्तरी हरिद्वार के भूपतवाला का बड़ा क्षेत्र तथा कालोनियां सीवर लाइन से वंचित हैं। लोगों ने सीवर के पाइप नालों में बाइपास कर रखें हैं, जिससे सीवरयुक्त गंदगी लोकनाथ नाले से सीधे हर की पैड़ी में गंगा की अविरलधारा में प्रवाहित हो रही है। जब अमृत योजना में सीवरेज से वंचित क्षेत्रों में सीवर लाइन डालने की योजना का सर्वे किया गया था तो उत्तरी हरिद्वार का वंचित क्षेत्र सबसे ऊपर था। प्रथम चरण में शहरी विकास मंत्री ने सीवर लाइन की जिस योजना का शुभारंभ किया है उससे उत्तरी हरिद्वार पूरी तरह से वंचित है।
गंगा सभा के महामंत्री रामकुमार मिश्रा ने अपने फेसबुक पोस्ट में लोकनाथ नाले के गंगा की अविरल धारा में बहने पर नाराजगी जताई है। भाजपा पार्षद अनिल मिश्रा, वरिष्ठ भाजपा नेता बृजभूषण विद्यार्थी, वीरेंद्र तिवारी, पूरन पांडे, दीपक तिवारी, सुशील, बागीश्वर पांडेय, प्रभात कुमार ने मंत्री पर क्षेत्र के साथ भेदभाव का आरोप लगाया है।


कहीं दोबारा डाली जा रही है सीवर लाइन
क्षेत्रवासी यह सवाल में उठा रहे हैं कि जहां पहले से ही सीवर लाइन की सुविधा है, उन क्षेत्रों में क्षमता वृद्धि के नाम पर पुरानी लाइन को उखाड़ नई लाइन डलवाई जा रही है। जबकि वंचित क्षेत्र फिर उपेक्षित है। श्रवणनाथ नगर में मोदी भवन से मायापुर, अग्रसेन चौक देवपुरा से जिला पंचायत परिसर तक का पूरा क्षेत्र पहले से सीवरेज से जुडा है। अमृत योजना में इस क्षेत्रों की पुरानी लाइन के स्थान पर नई लाइन डालवाई जा रही है। इससे लोग ज्यादा नाराज हैं। इस क्षेत्र में प्राइवेट होटल, धर्मशालाओं की भरमार है।
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शहर का कोई भी क्षेत्र सीवर लाइन की सुविधा से वंचित नहीं रहेगा। अमृत योजना में पंचपुरी के वंचित संपूर्ण क्षेत्र को सीवरेज सुविधा से जोड़ा जाना है। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए सीवर चोक की समस्या को दूर करने के लिए क्षमता बढ़ाने के लिए पुरानी लाइनों को भी बदला जाना है। अभी तो योजना की शुरूआत हुई है। उत्तरी हरिद्वार के वंचित क्षेत्र में सीवर लाइन डालने के साथ पानी की लाइनें भी डाली जानी हैं। - मदन कौशिक, शहरी विकास मंत्री।
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