श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के 6 विभागों का एमसीआई की टीम ने निरीक्षण किया। पूर्व में किए गए निरीक्षण के दौरान इन विभागों में कमी मिलने से अनुमति नहीं मिल पाई थी। 25 अक्तूबर को प्राचार्य ने केंद्र सरकार के समक्ष अपना पक्ष रखा था, जिस पर एमसीआई की टीम विशेष रूप से इन विभागों के निरीक्षण के लिए यहां पहुंची थी।
श्रीनगर मेडिकल कॉलेज ने 14 विभागों में पीजी (एमडी/एमएस) के लिए एमसीआई (भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद) में आवेदन किया था। इसके बाद एमसीआई की टीम ने 3 अगस्त को मेडिकल कॉलेज का दौरा करते हुए 6 विषयों (फार्माकोलॉजी, बायोकैमेस्ट्री, फीजियोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, कम्युनिटी मेडिसिन व पैथोलॉजी) का प्री-पीजी एसेसमेंट कर फैकल्टी और संसाधनों को परखा था, लेकिन स्थिति सही नहीं होने पर एमसीआई ने अनुमति नहीं दी। अक्तूबर की शुरुआत में कॉलेज के प्राचार्य प्रो. रावत ने केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र भेजकर तय समय में कमियां दूर करने का अनुरोध किया था, जिस पर 25 अक्तूबर को भारत सरकार की कमेटी के समक्ष प्राचार्य ने प्रस्तुतीकरण किया। उन्होंने कमेटी का बताया था कि कमेटी को भरोसा दिलाया था कि 3 माह में सभी कमियां दूर कर ली जाएगी, जिस पर बुधवार को एमसीआई की 6 सदस्यीय टीम ने उक्त 6 विभागों का निरीक्षण किया। टीम ने विभागों में संसाधनों, फैकल्टियों की विस्तृत जानकारी ली, जिसके बाद पांच विभागों में अनुमति मिलने की उम्मीद है। प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज सीएमएस रावत, का कहना है कि टीम के निरीक्षण के बाद हम सकारात्मक परिणाम की आशा कर रहे हैं।