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ईएएस के होटल की जानकारी जुटा रहा खुफिया विभाग

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अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार, ।
देहरादून सचिवालय में तैनात एक आईएएस अधिकारी का हरिद्वार में होटल होने की खुफिया विभाग जानकारी जुटा रहा है। आईएएस में प्रोन्नत होने से पहले कई वर्ष यहां एसडीएम रह चुके आईएएस के दो साझेदार बताए जा रहे हैं। खुफिया विभाग को आईएएस के यहां भी कई भूखंड होने की जानकारी मिल रही है।
सचिवालय में बतौर सचिव तैनात आईएएस ने हरिद्वार में भी लंबे समय तक नौकरी की है। उनका एक होटल ललतारौ पुल के आसपास बताया जा रहा है। शानदार होटल में पचास प्रतिशत की भागीदारी आईएएस अधिकारी की है। उसके दो साझेदार भी हैं जिनमें से एक होटल कारोबारी है और दूसरा खाद्यान्न के धंधे से जुड़ा है। होटल के अलावा भी टिहरी विस्थापितों को पट्टे आंवटन में भी इस अधिकारी ने एसडीएम रहते हुए बड़ा खेल किया था, इसलिए कई भूखंड भी उसके यहां बताए जा रहे हैं। खुफिया विभाग पूरी जानकारी जुटा रहा है। ये भी सामने आ रहा है कि विजिलेंस भी आईएएस अधिकारी के पीछे पड़ी हुई है।
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भेल संपदा विभाग आया हरकत में
हरिद्वार। करोड़ों की भूमि का फैसला अपने हक में करा लेने की एवज में प्रशासनिक अफसर को दस लाख की घूस देने की चर्चा के सामने आने पर भेल प्रशासन भी हरकत में आ गया है। भेल संपदा विभाग उस भूमि की पैरवी में जी जान से जुट गया है। अब यदि भूमि हाथ से निकलती भी है तो भेल संपदा विभाग की इसे नाकामी ही माना जाएगा। भेल ज्वालापुर से सटी करोड़ों की भूमि का प्रकरण एक प्रशासनिक अफसर की कोर्ट में लंबित है, और अफसर को फैसला हक में सुना देने के लिए एक पक्ष से जुड़े प्रॉपर्टी डीलर, होटल स्वामी ने दस लाख की घूस देने की पेशकश की थी, यह चर्चा प्रशासनिक हल्कों में है। चूंकि उस भूमि पर भेल भी अपना दावा कर रहे है इसलिए भेल संपदा विभाग अब सतर्क हो गया है।
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