फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सदा शिव रामलीला कमेटी की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के चौथे दिन उमड़ी श्रद्वालुओं की भीड़

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
कर्णप्रयाग। सदा शिव रामलीला कमेटी कर्णप्रयाग की ओर से आयोजित रामलीला मंचन के चौथे दिन राम, लक्ष्मण और सीता के वनवास का मंचन किया गया। यह देख दर्शक भाव विभोर हो गए।
विज्ञापन

रामलीला मंचन में महाराजा दशरथ राम को राज्याभिषेक और स्वयं वानप्रस्थ जाने की सहमति व्यक्त करते हैं। राजा की इस बात को सुनकर दासी मंथरा महारानी कैकेई से कहती है कि राम के राजा बनने पर भरत उनका दास बनकर रह जाएगा। कैकई भ्रमित होकर कोप भवन में चले जाती हैं और राजा दशरथ के कोप भवन में जाने पर वह दो वरदान देने की बात कहती हैं। तब कैकेई राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत को अयोध्या का नरेश बनाने का वरदान मांगती हैं। राजा कैकेई को बहुत समझाते हैं, लेकिन वह नहीं मानती। विवश होकर राजा कैकेई को वरदान दे देते हैं। तब राम सीता और लक्ष्मण के साथ माता-पिता की आज्ञा लेकर वन चले जाते हैं। राकेश कुमार डिमरी के संचालन में आयोजित रामलीला मंचन में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष दिनेश मैखुरी, अपर बाजार रामलीला मंडली के अध्यक्ष हरिकृष्ण भट्ट, सभासद राजेश जोशी, अनिल खंडूड़ी, प्रताप लूथरा आदि मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें