जीएसटी के विरोध में अधिवक्ताओं का आज कार्य बहिष्कार
-- टैक्स बार एसोसिएशन ने की गेट मीटिंग, जीएसटी को बताया काला कानून
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश । टैक्स बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कर आयुक्त से रिटर्न में लग रही लेट फीस को शीघ्र निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने चेताया कि इसके विरोध में टैक्स बार के सभी अधिवक्ता बुधवार को जीएसटी कानून का कार्य बहिष्कार करेंगे। मंगलवार को टैक्स बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने हरिद्वार बाईपास मार्ग स्थित जीएसटी कार्यालय के समक्ष गेट मीटिंग की। इस दौरान उन्होंने डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से कर आयुक्त, देहरादून को ज्ञापन प्रेषित किया। उन्होंने कहा कि जीएसटी विधेयक संशोधन से उत्पन्न विभिन्न समस्याओं लेट फीस, कंपोजिशन स्कीम में अड़चन, आनलाइन में आने वाली विभिन्न समस्याएं व्याप्त हैं, जोकि व्यापारियों एवं अधिवक्ताओं के सिर दर्द बन गई है।
बताया कि लेट फीस ने व्यापारियों की कमर तोड़ कर रख दी है। सरकार द्वारा जो काला कानून लागू किया जा रहा है उसे शीध्र वापस लिया जाना चाहिए। इस मौके पर रिटर्न में लग रही लेट फीस और अन्य समस्याओं का जमकर विरोध किया गया। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि बुधवार को टैक्स बार के सभी अधिवक्ता जीएसटी कानून के विरोध में कार्य बहिष्कार करेंगे। इस अवसर पर अधिवक्ता डीएन अग्रवाल, एसएस श्रीकोटी, महेंद्र सिंह पाल, महेश पांडे, नवनीत गुप्ता, कृष्णा सिलस्वाल, रोहित नेगी, जितेंद्र भंडारी, अनिल कुकरेती, जितेंद्र अग्रवाल, एनडी ब्रेजा, अरूण गुप्ता, आरएस पंवार, वीके चटर्जी, विकास ग्रोवर, मुकेश पाल, योगेश ब्रेजा, मुनीस छावड़ा, पवन अग्रवाल, दीपक अंथवाल, आशीष भंडारी आदि मौजूद थे।