गौचर। आईटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा पुलिस) का 56वां स्थापना दिवस आठवीं वाहिनी गौचर की ओर से धूमधाम से मनाया गया। समारोह में रंत रैबार कला संस्था सहित जवानों और बच्चों ने कई कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दीं।
वाहिनी परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कमान अधिकारी प्रेम लाल शाह ने जवानों के परेड की सलामी ली। उन्होंने कहा कि वर्तमान में आईटीबीपी के जवान कराकोरम से अरुणांचल प्रदेश तक 3488 किलोमीटर की सीमा की रक्षा में तैनात हैं। साथ ही आईटीबीपी देश की आंतरिक सुरक्षा, बार्डर गार्डिंग ड्यूटी, नक्सल और आतंकवाद प्रभावित राज्यों सहित जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती आई है। इस मौके पर वाहिनी परिसर में जवानों, बच्चों और महिलाओं ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। रंत रैबार संस्था कर्णप्रयाग और वाहिनी की ओर से सामूहिक रूप से बड़े खाने (भोज) का आयोजन हुआ। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत करने वाले प्रतिभागियों को वाहिनी के कमान अधिकारी प्रेम लाल शाह ने पुरस्कृत किया। कार्यक्रम में डिप्टी कमांडेंट राजेंद्र राजपूत के अलावा वाहिनी के अन्य अधिकारी और सैनिकों के परिजन मौजूद थे।
कमांडेंट पुरोहित सहित कई जवान हुए सम्मानित
गौचर। स्थापना दिवस के मौके पर आठवीं वाहिनी के कमांडेंट गिरीश चंद्र पुरोहित को दिल्ली में आयोजित समारोह में सराहनीय सेवा के लिए महानिदेशक पदक से सम्मानित किया गया। गौचर में कमान अधिकारी प्रेम लाल शाह के अलावा आठ अन्य जवानों को महानिदेशक प्रशस्ति पत्र सम्मान मिला है। इसके अलावा वाहिनी के निरीक्षक जमुना प्रसाद, सहायक उपनिरीक्षक मित्रानंद, हेड कांस्टेबल अनूप नेगी और देवेंद्र सिन्हा, कांस्टेबल निखिल, नवीन कुमार, गबर सिंह और जयवीर सिंह को महानिदेशक प्रशस्ति पत्र सम्मान मिला।