अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार ।
ब्रह्मलीन महंत रतन सिंह महाराज की 19वीं पुण्यतिथि पर रतन बाग आश्रम में सभी 13 अखाड़ों के संत महंतों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता डा. श्याम सुंदरदास शास्त्री एवं संचालन संत सुरजीत सिंह महाराज ने किया। श्रद्धांजलि सभा में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत बलवंत सिंह ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत रतन सिंह महाराज को त्याग और तपस्या की प्रतिमूर्ति बताया।
महंत श्यामसुंदर दास शास्त्री महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत रतन सिंह महाराज के पदचिह्नों पर चलकर अपने जीवन को सुखमय बनाएं। निर्मल अखाड़े के कोठारी महंत गोपाल सिंह महाराज ने कहा कि हमें सेवा भाव से कार्य करने चाहिए। महामंडेश्वर संतोषानंद एवं महंत सुरेंद्र मुनि व महंत सुखदेव मुनि महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत रतन सिंह महाराज ने गंगा मैया को प्रदूषण से मुक्त रखने के लिए गऊ माता की सेवा करने के लिए अपना जीवन व्यतीत किया। संत दलजीत सिंह, संत सुरजीत सिंह, मुखिया महंत जगजीत सिंह महाराज ने भी ब्रह्मलीन महंत रतन सिंह महाराज को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें महान संत बताया। स्वामी दीप्तानंद अवधूत आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी कृष्णानंद महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत रतन सिंह महाराज का जीवन मानव सेवा के लिए समर्पित रहा है। श्रद्धांजलि देने वालों में महंत प्रेमदास, महंत सुखदेव मुनि, संतोषानंद, महंत बलवंत सिंह, महंत गोपाल सिंह, डा. स्वामी श्याम सुंदरदास शास्त्री, स्वामी ऋषिश्वरानंद, स्वामी ऋषिरामकृष्ण महाराज, स्वामी शिवानंद महाराज, महंत शिवशंकर गिरि महाराज, महंत रघुवीर दास, महंत सुरेंद्र मुनि, संत सुरजीत सिंह, मुखिया महंत जगजीत सिंह, महंत विनोद महाराज, समाजसेवी अतुल शर्मा, स्वामी राम मुनि, संत श्याम सिंह शास्त्री, मुखिया महंत भगतरामम, महंत त्रिवेणीदास, महंत मोहन सिंह, महंत तीरथ सिंह, महंत मंजीत सिंह, महंत गंगादास, स्वामी बाल भारती, महंत राम स्वरूप, महंत साधनानंद, महंत दामोदर दास, स्वामी जनकदास हरिबोल, आचार्य स्वामी कृष्ण सिंह शास्त्री, महंत श्याम सिंह, ने भी ब्रह्मलीन महंत रतन सिंह महाराज को दिव्य आत्मा बताया।