जोशीमठ। बड़ागांव, मेरग, सेलंग और पैनी गांवों को नगर पालिका जोशीमठ में शामिल न करने की मांग पर ग्रामीण पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ सड़क पर उतर आए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। वहीं, पैनखंडा संघर्ष समिति के नेतृत्व में ग्रामीणों ने 39वें दिन भी तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन जारी रखा। ग्रामीणों ने एलान किया यदि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
मंगलवार को सुबह ग्यारह बजे चार गांवों के ग्रामीण तहसील परिसर में इकट्ठा हुए और ढोल-दमाऊं के साथ नगर में जुलूस निकालकर सरकार के विरोध में नारेबाजी की। इसके बाद उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। एसडीएम ने ग्रामीणों को बताया कि डीएम के निर्देश पर चारों गांवों को पालिका में शामिल न करने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। पैनखंडा संघर्ष समिति के अध्यक्ष रमेश चंद्र सती ने कहा कि जब तक प्रशासन की ओर से गांवों को पालिका में शामिल न करने का लिखित पत्र नहीं दिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। इस मौके पर ग्राम प्रधान हेमा देवी, रमेश लाल, उमा, लक्ष्मण सिंह, बलवीर रावत, अजीतपाल, हरीश भंडारी, लक्ष्मण नेगी, कुशल सिंह, मनमोहन, जसवीर, राजेश्वरी, उर्मिला, विमला, सरस्वती, कमला देवी और रुक्मणी आदि मौजूद थे।
कई कार्यकर्ताओं ने छोड़ी भाजपा की सदस्यता
जोशीमठ। बिना ग्रामीणों की सहमति के गांवों को नगर पालिका जोशीमठ में शामिल करने से आक्रोशित कई भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी की सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा दिया। कार्यकर्ताओं ने पार्टी जिलाध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल को अपना इस्तीफा भेजा है। इस्तीफा देने वालों में सेलंग गांव के वन सरपंच मोहन सिंह, सुधीर सिंह, विक्रम सिंह, सुरेंद्र सिंह, कुशल सिंह कम्दी, बलदेव सिंह, पुष्कर सिंह और आशीष सिंह आदि शामिल हैं।