अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मंत्री हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि केंद्र सरकार श्रमिकों पर अत्याचार कर रही है। कहा कि सरकार श्रमिकों को कारपोरेट घरानों का गुलाम बनाने की तैयारी कर रही है।
राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (इंटक) की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में नौ प्रस्ताव पारित किए। कार्यकारिणी की बैठक का मुख्य एजेंडा भारत के केंद्रीय महासंघों एवं सभी स्वतंत्र फेडरेशनों के आह्वान पर भाजपा की जन विरोधी एवं श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में 11 नवंबर को दिल्ली में होने वाले आंदोलन को सफल बनाने का रहा।
सोमवार को भेल मजदूर कल्याण परिषद के कार्यालय में प्रदेश कार्यकारणी की में प्रदेश में संगठित एवं असंगठित क्षेत्र में ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त कर 18 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग की गई। जनमानस के हितों को सुरक्षित करने की अर्थ नीति बनाने, स्कीम श्रमिकों को श्रमिक का दर्ज, समाजिक सुरक्षा, छंटनी, श्रम कानूनों में सुधार, पीपीनी मोड, नए मोटर वाहन अधिनियम का विरोध करने के प्रस्ताव भी पारित किएउ गए।
प्रदेश अध्यक्ष पूर्व विधायक हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि श्रमिकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। केंद्र सरकार की श्रम नीतियों से श्रम कानूनों में उद्योगपतियों के हितों का ध्यान रखते हुए संशोधन किए जा रहे हैं। श्रमिकरें को संगठन बनाने के अधिकार से भी वंचित रखा जा रहा है। कहा कि केंद्र सरकार कारपोरेट घरानों का कर्ज माफ कर रही है और किसान आत्महत्या कर रहे है। उन्होंने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्रों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारियां कर रहे है, इससे श्रमिकों का अहित होगा। ठेकेदारी प्रथा का विरोध भी किया गया। प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने 11 नवंबर को देश व्यापी आंदोलन को लेकर अधिक से अधिक श्रमिकों को दिल्ली कूच को सफल बनाने का आह्वान किया। प्रदेश प्रमुख महामंत्री एपी अमेाली ने कहा कि केंद्र सरकार श्रमिकों के हितों को लेकर सजग नहीं है। कहा कि छंटनी में कई श्रमिकों को बाहर निकाला जा रहा है। ऐसे में कई परिवार बेरोजगारी का दंश झेल रहे है। भेल मजदूर कल्याण परिषद इंटक के अध्यक्ष सहदेव सिंह क्षेत्री और मीडिया प्रभारी इंद्रमोहन बड़थ्वाल ने प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट का फूल मालाओं से स्वागत किया। बैठक में महामंत्री राजवीर सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल चौहान, धीरज भंडारी, जनार्दन सिंह, रोहित शरण, जगदीश बहुगुणा, अवतार सिंह, संजय अग्रवाल, सुभाष राठी, सुकरम पाल, कुंवर पाल सिंह, सतीश चंद्र भट्ट, मोहन थापली, श्यामसुंदर मिश्रा, रविंद्र चौबे, सोनू भंडारी, ललित ङ्क्षसह, संदीप चौहान, नीरज भंडारी आदि ने भी विचार रखे।
निगम के क्षेत्र बढ़ाने का विरोध
हरिद्वार। सरकार की नगर निगम के दायरे को बढ़ाने की घोषणा होने के बाद इंटक ने राज्य सरकार का विरोध किया है। इंटक ने इसके लिए विरोध प्रदर्शन की तैयारियां शुरू कर दी है। प्रदेश अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट ने कहा कि सरकार भूमाफियाओं की शह पर इस तरह का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पंचायत की इलाकों को निगम में जोड़ने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामन करना पड़ेगा।