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तीर्थनगरी में होंगे गंगा के उद्गम से गंगासागर तक के दर्शन
-- नमामि गंगे परियोजना के तहत ढालवाला में बन रही गंगा वाटिका
-- पंच प्रयाग और गंगा के तटीय इलाकों की जीवनशैली भी देख सकेंगे तीर्थयात्री और पर्यटक
राव राशिद
ऋषिकेश। देश-दुनिया से तीर्थनगरी घूमने आने वाले तीर्थयात्री और पर्यटक ढालवाला में गंगा के उद्गम स्थल से उसके गंगासागर में मिलने तक के सफर को मॉडल के माध्यम से देख सकेंगे। इसके अलावा उन्हें यहां उत्तराखंड के पंच प्रयागों के दर्शन भी हो होंगे। गंगा के तटीय इलाकों की जीवनशैली की झलक भी उन्हें संग्रहालय में देखने को मिलेगी। नमामि गंगे परियोजना के तहत मुनिकीरेेती स्थित ढालवाला में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे गंगा वाटिका का निर्माण नरेंद्रनगर वन प्रभाग की ओर से किया जा रहा है। परियोजना के माध्यम से विभाग को इसके लिए 28 लाख रुपये का बजट मिला है। वर्तमान में गंगा वाटिका का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। योजना के तहत 80 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है।
तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए गंगा वाटिका में शिव व पार्वती ब्लॉक बनाया गया है। इसके अलावा वाटिका में गंगा किनारे की बसावट की जीवनशैली पर आधारित चित्रों और वस्तुओं के लिए बाकायदा संग्रहालय भी बनाया गया है। वाटिका में तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के खाने-पीने का भी मुकम्मल इंतजाम किया गया है। इसके लिए कैंटीन स्थापित की गई है। वाटिका में रुद्राक्ष, बेल, बेर समेत कई अन्य प्रजातियों के पौधे रोपे गए हैं। वाटिका में आकर्षण का केंद्र गंगा के उद्गम स्थल को दर्शाता मॉडल है। इसके अलावा इसमें पांच प्रयागों में देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, नंदप्रयाग व विष्णुप्रयाग को भी मॉडल के रूप में दर्शाया गया है। नरेंद्रनगर के प्रभागीय वनाधिकारी राहुल ने वाटिका का विधिवत शुभारंभ दिसंबर माह तक होने की बात कही है।
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लोगों के लिए जॉगिंग ट्रैक भी
ऋषिकेश। स्थानीय लोगों के लिए गंगा वाटिका में सुबह के सैरसपाटे और जॉगिंग के लिए ट्रैक बनाया गया है। दो हेक्टेयर क्षेत्रफल में स्थापित इस वाटिका में जॉगिंग ट्रैक बनाया है। जिस पर स्थानीय लोग सुबह सैर-सपाटे के साथ ही जॉगिंग भी कर सकेंगे।
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श्रीदेव सुमन पार्क को बना दिया गंगा वाटिका
ऋषिकेश। वन प्रभाग के अधिकारियों ने ढालवाला में पहले से स्थापित अमर बलिदानी श्रीदेव सुमन पार्क के नाम से स्थापित पार्क को ही गंगा वाटिका का नाम दे दिया। इसके मेन गेट पर गंगा वाटिका का बोर्ड और भीतर एक मॉडल व कैंटीन के अलावा एक संग्रहालय भवन का निर्माण किया गया है।
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बच्चों के लिए नए नहीं पुराने झूले
ऋषिकेश। गंगा वाटिका में बच्चों के खेलने के लिए झूले आदि भी लगाए जाने हैं, लेकिन वन प्रभाग ने इसके लिए नए झूलों की खरीद की बजाए शिवपुरी स्थित एक पार्क से पुराने झूले लाकर उनका रंगरोगन कर उन्हें गंगावाटिका में लगाने की तैयार कर ली है।
क्या कहते हैं डीएफओ
गंगावाटिका का निर्माण कार्य करीब 80 फीसदी तक पूरा हो चुका है। दिसंबर माह तक वाटिका को तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।
राहुल, प्रभागीय वनाधिकारी, नरेंद्रनगर वनप्रभाग