जौलीग्रांट में नहर निर्माण का ग्रामीणों ने किया
-- नहर निर्माण से खेत हो जाएंगे बंजर, पीएम मोदी को भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
न्याय पंचायत रानीपोखरी के तहत जाखन नदी से जौलीग्रांट तक सिंचाई नहर निर्माण योजना का स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि नहर के निर्माण से रानीपोखरी के गांवों में काश्तकारों के खेत बंजर हो जाएंगे। उन्होंने इसकी वजह स्थानीय काश्तकारों को नहर से कम पानी मिलना बताया। कहा कि यदि जौलीग्रांट तक सिंचाई नहर बना दी जाएगी तो उन्हें जरुरत के मुताबिक सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाएगा।
न्याय पंचायत रानीपोखरी के पूर्व प्रधान संगठन के अध्यक्ष पुष्पराज बहुगुणा के नेतृत्व में सोमवार को स्थानीय काश्तकारों व ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी हरि गिरि के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजा। उनका कहना है कि क्षेत्र के काश्तकारों को पहले ही सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। जौलीग्रांट नहर योजना के क्रियान्वयन से उनकी दुश्वारियां और बढ़ जाएंगी और खेत बंजर हो जाएंगे। उन्होंने बांध निर्माण से पहले नहर नहीं बनाने की मांग की है।
मांग करने वालों में पूर्व प्रधान इंद्रपाल सिंह, अपूप चौहान, नरेंद्र नेगी, मोहित कपरुवाण, अमर सिंह रावत, अकबर अली, वीरेंद्र पंवार, विनीत रावत, शशिराम पेटवाल, रामकिशोर सुयाल, सुंदर सिंह रावत, चांद खान, देवेंद्र गैरोला, रमेश चंद, अनूप चौहान, बलवीर सिंह, सतीश सेमवाल, नवीन चौधरी, संगीता पंवार, विरेंद्र सिंह, बलवंत रावत, अनीता आदि शामिल हैं।