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गंगा की स्वच्छता के लिए छोटी नदियों का संरक्षण जरूरी
-- परमार्थ निकेतन आश्रम में भागवत कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री
-- लोगों से बेटी के जन्म और पुरखों की याद में पौधरोपण का किया आह्वान
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गंगा की स्वच्छता के लिए छोटी नदियों व जलधाराओं के संरक्षण पर जोर दिया है। उन्होंने प्रदेश वासियों से आसपास की नदियों, गाड़-गदेरों को प्रदूषण मुक्त रखने की अपील की। वहीं बेटी के जन्म और पूर्वजों की स्मृति में पौधरोपण कर पर्यावरण के संरक्षण का आह्वान भी किया। सोमवार की शाम सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत स्वर्गाश्रम स्थित परमार्थ निकेतन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि वर्तमान में हमें जो गंगा का स्वरूप दिखता है, वह 12 माह निरंतर बहने वाली छोटी-छोटी नदियों के गंगा में मिलने की वजह से है। अनियोजित विकास की वजह से बीते 50 वर्षों में 44 फीसदी छोटी नदियां, गाड़-गदेरे व झरने विलुप्त हो गए हैं, जिससे गंगा के प्रवाह पर भी काफी फर्क पड़ा है। कहा कि नदियों के संरक्षण के लिए आमजन को आगे आने की जरुरत है।
उन्होंने वंशवृद्धि की तरह पौधरोपण को भी जरूरी बताया और इसके लिए लोगों से आगे आने का आह्वान किया। आश्रमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती मुनि ने लोगों से पुण्य के लिए भंडारों की बजाए हरियाली की समृद्धि व नदियों के संरक्षण के लिए दान पर धन खर्च करने की अपील की। इससे पूर्व स्वामी चिदानंद मुनि ने सीएम रावत को राजस्थानी पगड़ी और अंग वस्त्र भेंटकर सम्मानित किया। साथ ही कथावाचक क्षमाराम महाराज ने रुद्राक्ष का पौधा भेंट किया। इस अवसर पर स्वर्गाश्रम जौंक नगर पंचायत की अध्यक्ष शकुंतला राजपूत, अनीता ममगाईं, कविता शाह, नवनीत राजपूत, कृष्णकुमार सिंघल, गुरुपाल बत्रा, भरत लाल, कपिल गुप्ता के साथ ही राजस्थान और अन्य प्रांतों से आए श्रद्धालु मौजूद थे।
पर्यटन मंत्री ने की गंगा आरती
ऋषिकेश। सूबे के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज परमार्थ निकेतन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने परमात्मा को जानने के लिए भागवत कथा के श्रवण पर जोर दिया। इसके बाद पर्यटन मंत्री आश्रम घाट पर सांध्यकालीन गंगा आरती में भी शामिल हुए।