श्रीनगर। उत्तरांचल बिजली कर्मचारी संघ (संविदा प्रकोष्ठ) ने समान कार्य-समान वेतन आदेश लागू न किए जाने पर रोष जताया है। संगठन ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर्मचारियों को समान वेतन देने की मांग की।
रविवार को संगठन के उक्त मुद्दे को लेकर हुई बैठक में कहा गया कि वर्ष 2005 में रिक्त पदों के सापेक्ष उपनल के माध्यम से ऊर्जा निगम में जनपदवार संविदा नियुक्ति की गई थी। तब से कर्मचारी अल्प मानदेय पर निगम में सेवाएं दे रहे हैं। निगम उनसे बंधुआ मजदूरों की तरह सेवा ले रहा है। वक्ताओं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से संविदा कर्मचारियों के हक में ऐतिहासिक फैसला दिया है। इसके अनुसार, अगर कोई कर्मचारी दूसरे कर्मचारियों के समान काम या जिम्मेदारी निभाता है, तो उससे दूसरे कर्मचारियों से कम वेतन नहीं दिया जा सकता। उन्होंने न्यायालय के फैसले के अनुपालन में समान कार्य-समान वेतन देने की मांग राज्य सरकार से की। बैठक की अध्यक्षता मंडलीय अध्यक्ष भगवती प्रसाद भट्ट और संचालन मातबर ङ्क्षसह बिष्ट ने किया। इस अवसर पर सुरेंद्र नौटियाल, कैलाश चंद्र, प्रतुल डोभाल, राजेश खरे, सुनील बलोनी, कुलदीप ङ्क्षसह, वीरेंद्र लाल व नवनीत नेगी आदि मौजूद थे।