अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
मानदेय दिलाने की मांग को लेकर ऋषिकुल और गुरुकुल परिसर के स्ववित्त पोषित सीटों के एमडी प्रशिक्षुओं का अनशन दूसरे दिन भी जारी रही, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के किसी भी अधिकारी ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारी एमडी प्रशिक्षुओं ने दूसरे दिन भी ओपीडी ठप रखी। इससे अस्पताल आए मरीजों को बैरंग लौटना पड़ा।
उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के ऋषिकुल और गुरुकुल परिसर में एमडी के 17 स्ववित्त पोषित सीटों पर एडमिशन लेने वाले प्रशिक्षुओं को दस महीने से मानदेय नहीं मिल सका। जिससे उन्होंने शुक्रवार से अनशन शुरू कर दिया। अनशन पर बैठे डा. मुकेश रानी और डा. लिंकन कुमार सेठी का हालचाल जानने के लिए विश्वविद्यालय से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। जिस पर आक्रोश जताते हुए प्रशिक्षु डाक्टरों ने दूसरे दिन ओपीडी पर तालाबंदी करते हुए ठप रखी। इससे मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। परिसर के निदेशक प्रो. सुनील जोशी ने ओपीडी के बाहर ही मरीजों को देखा। वहीं एमडी के प्रशिक्षुओं ने चेतावनी दी कि मानदेय मिलने तक अनशन जारी रहेगा। इस मौके पर डा. विशाल गांधी, डा. इस्पिता पांडा, डा. निशात अफजल, चेतन मंगवाल, डा. इंद्रजीत कौर, डा. निधि सोनी, डा. स्वीटी राणा, डा. ज्योत्सना अवस्थी, डा. रौनक, डा. यशपाल, डा. प्रशांत, डा. भानुप्रिया कौशिक, डा. ऋतु गोठवाल, वैष्णो गुप्ता, डा. सीमा आदि शामिल हुए।