अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पति की दीर्घायु की मंगलकामना के लिए रखे जाने वाले करवाचौथ व्रत की पूर्व संध्या पर शनिवार को धर्मनगरी के बाजार गुलजार रहे। महिलाओं के सबसे खास व्रत के लिए हरिद्वार, ज्वालापुर और आसपास के बाजारों में देर रात तक रौनक रही। बाजारों में खरीददारी के लिए महिलाओं और युवतियों की भीड़ उमड़ी रही। मेहंदी लगवाने के लिए सजाई गई दुकानों ने दूसरे कारोबार को पीछे छोड़ दिया है।
करवाचौथ हर विवाहिता के लिए एक खास दिन है। इस दिन विवाहिताएं सोलह श्रृंगार पर विशेष ध्यान देती हैं। इसके लिए शनिवार को सुबह से ही भारी रौनक नजर आई। खासतौर पर डिजाइनर कपड़े, ज्वैलरी, सौंदर्य प्रशाधन आदि की दुकानों पर भारी भीड़ नजर आई। महिलाओं को खरीददारी के लिए आकर्षित करने को लेकर अलग-अलग तरह के ऑफर भी दुकानदारों की ओर से दिए जा रहे हैं। शनिवार शाम ज्वालापुर के कटहरा बाजार, सराफ बाजार, रेलवे रोड, चंद्राचार्य चौक, पुराना रानीपुर मोड़, ज्वालापुर के तमाम बजारों में खरीदारी करने वाली महिलाओं की भीड़ उमड़ी। भीड़ के कारण सड़कों पर हल्की जाम की स्थिति भी बनी रही।
ज्वैलरी की दुकानें फुल, आर्टिफिशियल ज्वेलरी की भी बढ़ी मांग
हरिद्वार। करवा चौथ पर महिलाएं हीरों और सोने की ज्वैलरी पर खास ध्यान दे रही हैं। इसके साथ ही महंगाई के दौर में आर्टिफिशियल ज्वैलरी के लेटेस्ट डिजाइन को भी तवज्जो दी जा रही है। ज्वैलरी बेचने वाले व्यापारियों ने अपनी दुकानें सजा रखी हैं। यहां महिलाएं अपनी पसंद की ज्वैलरी सस्ते दामों पर खरीद रही हैं। ज्वालापुर के व्यापारी प्रवीण कुमार ने बताया कि इस बार तरह-तरह की फैंसी ज्वैलरी महिलाओं की पसंद को देखते हुए बाजार में उतारी गई है।
त्योहारी सीजन में जाम का झाम
हरिद्वार। त्योहारी सीजन में पूरा शहर रोजाना जाम से हांफ रहा है। दिन, दोपहर हो या शहर हर वक्त जाम की स्थिति बनी रहती है। विशेषकर उपनगर ज्वालापुर क्षेत्र का सबसे बुरा हाल है। पुलिस भी पूरा दिन जाम से जूझती है लेकिन समस्या जस की तस है। शनिवार को भी बाजार में भरी भीड़ उमड़ने से दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा रौनक ज्वालापुर के बाजार में होती है। चंद्राचार्य चौक का एरिया भी गुलजार रहता है। दशहरे के पर्व के बाद अब दीपावली, धरतेरस की तैयारियां तेज हो गई है। लिहाजा आमजन भी खरीददारी के लिए शहर में निकल रहे है। ऐसे में जाम की स्थिति रोजाना बन रही है। जाम से पूरा शहर हांफ रहा है। यह स्थिति अब दीपावली तक रहने वाली है। इधर त्यौहारी सीजन के आते ही शहर में अतिक्रमण भी पसर गया है। लेकिन सिस्टम बिलकुल भी ध्यान नहीं दे रहा है इसलिए भी जाम की स्थिति विकट हो रही है। व्यवसायिक प्रतिष्ठान अब सड़क पर सजे हुए है। अगर बात करे तो ज्वालापुर में चौपहिया वाहन लेकर जाना सिरदर्दी मोल लेना है। लंबे समय तक जाम में फंसे रहने पड़ सकता है।
हरिद्वार में रात 8:08 बजे दिखाई देगा करवाचौथ का चांद
मन का कारक है चंचल चंद्रमा
भरणी नक्षत्र में पड़ रहा यह पर्व
अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार। महिलाओं का प्रिय करवाचौथ व्रत रविवार को भरणी नक्षत्र में पड़ रहा है। मन का कारक चंद्रमा है और चंद्रमा को अनुकूल बनाने के लिए यह व्रत पूरे दिन निर्जल किया जाता है। हरिद्वार में रात 8:08 बजेे कार्तिक कृष्ण चौथ का चंद्रमा दिखाई देगा। तब सभी महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलेंगी। सायंकाल बायने भी निकाले जाएंगे।
चंद्रमा मन का कारक है और चंचल भी है। ज्योतिषाचार्य डा. प्रतीक मिश्रपुरी के अनुसार मन की चंचलता का संबंध चंद्रमा से है। यदि जन्म कुंडली में चंद्रमा शुभ हो तो समस्त भौतिक सुख, दैहिक सुख प्राप्त हो जाते हैं। ऋषियों ने इसे पहचान कर व्रत में चंद्रमा की पूजा का विधान रचा। पूरे वर्ष में 12 चतुर्थी शुक्ल पक्ष की और 12 ही कृष्ण पक्ष की पड़ती है। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी का चंद्रमा पूर्णिमा से करीब 60 अंश दूर निकल जाता है। इस अंश पर आकर यह मन और बुद्धि दोनों को परेशान करता है। इस दिन महिलाएं व्रत धारण कर मन का नियमन करती है। यह व्रत पति सहित परिवार के प्रत्यके व्यक्ति की आयु में वृद्धि करने वाला हैं। डा. मिश्रपुरी ने बताया कि चंद्रमा और शनि दोनों ही आयु प्रदान करने वाले हैं। करवा चौथ यदि रविवार को पड़ जाए तो सिंह, धनु, मेष, वृश्चिक, मीन और कर्क राशियों वाली महिलाओं को निश्चय ही शुभ फल प्राप्त होता है। बाकी राशि वाली महिलाओं को न्यून फल मिलता है। इस बार पर्व का महत्व इसलिए भी बड़ गया है कि चूंकि भरणी नक्षत्र पड़ रहा है। इस नक्षत्र में चौथ हमेशा ही अत्यंत शुभ मानी गई है।
कैसे रंग की पहने साड़ी
हरिद्वार। ज्योतिष के अनुसार राशि के हिसाब से महिलाओं के वस्त्रों का भी निर्धारण किया गया है। यदि करवाचौथ के दिन राशि के लिए शुभ रंग की साड़ी पहनकर महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देगी तो निश्चय ही भारी लाभ होगा। डा. मिश्रपुरी के अनुसार मेष और वृश्चिक राशि वालों को लाल, कन्या और मिथुन राशि वालों को हरे, धनु और मीन राशियों वाली महिलाओं को पीले, मकर और कुंभ राशि के लिए सुनहरी, तुला और वृष राशियों के लिए गुलाबी रंग निर्धारित किया गया है। इस रंग में वस्त्र पहनकर चंद्रमा का दर्शन करने से दीर्घायु मिलती है और मनुष्य रोग मुक्त रहता है।