गौचर। ग्राम विकास को बल देने और गांवों से हो रहे पलायन को रोकने के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के प्रबुद्ध विचारकों का नगरासू में तीन दिवसीय सम्मेलन का शुभारंभ हुआ। सम्मेलन के पहले दिन वक्ताओं ने पलायन की चुनौती और आदर्श विकास की अवधारणा को लेकर अपने विचार साझा किए।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उत्तरांचल उत्थान परिषद की ओर से आयोजित सम्मेलन में वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड सीमांत प्रदेश होने के नाते यहां के विकास और सुरक्षा को लेकर ज्यादा संवेदनशील होने की जरूरत है। अभी तक विकास की अवधारणा सरकारों पर निभर्र रही है, जिससे लोगों की अपेक्षा के अनुरूप विकास न होने से लोग गांवों से पलायन कर रहे हैं। उन्होंने गांवों के विकास में सहयोग देने के लिए प्रवासी उत्तराखंडियों से आह्वान किया। सम्मेलन में क्षेत्र के समाज सेवी डा. राम सिंह रावत के सामाजिक सरकारों पर चर्चा की गई। उत्तरांचल विकास परिषद ने कहा कि प्रवासी लोग जितना हो सके अपने गांव आकर बंजर खेत खलिहानों को आबाद करे, खंडहर मकानों का पुनर्निर्माण, प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण, निर्धन कन्याओं के विवाह में सहयोग, गरीब बच्चों की पढ़ाई, ग्राम देवता के सुंदरीकरण आदि विकास कार्यों में यथा शक्ति सहयोग दें। इस मौके पर उत्तरांचल उत्थान परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष प्रेम बुढ़ाकोटी, आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक देवेंद्र, राम चंद्र पैन्यूली, डा. राम सिंह रावत आदि ने विचार व्यक्त किए।