कर्णप्रयाग। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कर्णप्रयाग में लचर स्वास्थ्य सेवा फिर एक की जान ले ली। तीन अक्तूबर को प्रसव के बाद एक महिला की मौत हो गई थी। महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया था, जिसकी तबियत बृहस्पतिवार को बिगड़ने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। शुक्रवार को हायर सेंटर ले जाते समय बच्ची की मौत हो गई।
ब्लॉक के ग्वाड़ गांव की लक्ष्मी देवी (पत्नी मनवीर सिंह) की तीन अक्तूबर को प्रसव के आधे घंटे बाद मौत हो गई थी। इसके बाद बृहस्पतिवार सुबह से बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन संजय रावत ने बताया कि बच्ची की तबीयत बिगड़ने पर 108 सेवा को फोन किया गया, लेकिन सीएचसी में बच्चों का डॉक्टर न होने से सामान्य परीक्षण के बाद खुशियों की सवारी से बच्ची को श्रीनगर रेफर किया गया। श्रीनगर पहुंचने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। लंगासू के व्यापार संघ अध्यक्ष कैलाश खंडूड़ी ने बताया कि आठ साल पूर्व सीएचसी से बाल रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण मैदानी क्षेत्र में किया गया। तब से यहां डॉक्टर की तैनाती नहीं हो पाई। यही नहीं 16 सालों से केंद्र में फिजीशियन नहीं है।
डॉक्टरों और कर्मियों का विरोध जारी
कर्णप्रयाग। शुक्रवार को भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और कर्मियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों का कहना है कि मंगलवार को प्रसव के बाद हुई प्रसूता की मौत के बाद बुधवार को ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य कर्मियों और डॉक्टरों के साथ अभद्रता की। कर्मियों ने कहा कि एक सप्ताह तक कर्मी काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे। यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो सप्ताह भर बाद कार्यबहिष्कार भी करेंगे। विरोध जताने वालों में डा. मनोज मिश्रा, डा. प्रकाश भट्ट, डा. वीपी पुरोहित, डा. हरीश थपलियाल, मोनिका, मयूर बिष्ट, कुरियर जॉय और लखपत कंडारी आदि थे।
जांच के लिए कमेटी गठित
कर्णप्रयाग। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसूता की मौत के मामले में मुख्य चिकित्साधिकारी डा. भागीरथी जंगपांगी ने तीन सदस्यीय समिति बनाकर जांच शुरू कर दी है। सीएमओ जंगपांगी ने बताया कि जांच टीम में चमोली के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मयंक बडोला, श्रीनगर बेस अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डा. केपी सिंह और चमोली की महिला चिकित्सक डा. शालिनी डिमरी को रखा गया है। उन्होंने बताया कि टीम 10 दिनों में अपनी रिपोेर्ट दे देगी।