अफसरों की गैर मौजूदगी में हुआ तहसील दिवस
-- मौके पर एक भी शिकायत का नहीं हुआ निस्तारण, अनुपस्थित रहे अधिकारियों को नोटिस जारी
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
नागरिक समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए आयोजित होने वाला तहसील दिवस अब सिर्फ औपचारिकता भर का आयोजन बनकर रह गया है। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों की समस्याओं का मौके पर निस्तारण कराना था। वर्तमान में तहसील दिवस अधिकारियों की लापरवाही से अपने उद्देश्य ही भटकता दिख रहा है। इसकी वजह है आयोजन में अफसरों की गैर मौजूदगी। ऐसे में जब तहसील दिवस पर प्रशासन व अन्य महकमों के अफसर ही नहीं होंगे तो नागरिक समस्याओं की सुनवाई व एक्शन भला किस तरह से होगा। बावजूद इसके प्रशासनिक मशीनरी इसके लिए किसी भी अधिकारी की जवाबदेही तक तय नहीं कर रहा।
मंगलवार को तहसील दिवस का आयोजन किया गया। एसडीएम हर गिरि के ट्रेनिंग में होने की वजह से इसमें शामिल नहीं हो पाए। लिहाजा इसकी कमान तहसीलदार रेखा आर्य ने संभाली। इस दौरान उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को तो सुना, मगर मौके पर एक भी शिकायत का निस्तारण नहीं हो पाया। लिहाजा फरियादियों द्वारा उठाई गई शिकायतों को सीधे तौर पर संबंधित विभागों को ट्रांसफर कर दिया गया। कारण है तहसील दिवस पर आधा दर्जन से अधिक विभागीय अधिकारी अनुपस्थित रहे। तहसीलदार ने अधिकारियों को शिकायती पते पर ही रिमार्क कर 15 दिन में समस्या के निस्तारण के निर्देश दिए। साथ ही उन्हें इस समय अंतराल में निस्तारण की प्रगति से भी अवगत कराने को कहा। इस दौरान तहसील दिवस पर शिकायतों के निराकरण की उम्मीद लेकर पहुंचे फरियादी अधिकारियों के नहीं मिलने से मायूस दिखे।
इन विभागों के अधिकारी रहे नदारद
ऋषिकेश। तहसील दिवस पर पुलिस, श्रम विभाग, ग्राम विकास अधिकारी, पूर्ति विभाग, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, जिला उद्योग, शिक्षा आदि विभागों के अधिकारी नदारद रहे। इस बाबत तहसीलदार रेखा आर्य ने बताया कि अनुपस्थित अधिकारियों को एसडीएम के माध्यम से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा रहा है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए संस्तुति संबंधित विभाग को भेजी जाएगी।
130 शिकायतों में से एक का भी नहीं हुआ निस्तारण
ऋषिकेश। तहसील दिवस में मंगलवार को सड़क, बिजली, पानी और अतिक्रमण आदि के मुद्दे छाए रहे। इस दौरान 130 शिकायतें दर्ज की गई, लेकिन मौके पर एक भी शिकायत निस्तारित नहीं हो पाई। तहसीलदार रेखा आर्य ने बताया कि इस दौरान श्रम विभाग से 111, 2 नगर पालिका, 8 समाज कल्याण विभाग, 8 राजस्व विभाग और एक शिकायत पीडब्ल्यूडी से जुड़ी थी। सभी शिकायतों को संबंधित विभागों को निस्तारण के लिए ट्रांसफर किया गया है। अधिकारियों को शीघ्र शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान नायब तहसीलदार केडी जोशी, एसडीओ ऊर्जा निगम महेंद्र सिंह, एई पीडब्ल्यूडी एलवी गुप्ता, विनोद सिंह रावत, हिमांशु असवाल, मनोज कुमार, महेश प्रताप सिंह आदि अधिकारी मौजूद थे।