हरिद्वार के लिए
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हरिद्वार जनपद से चयनित 200 आपदा मित्रों को बाढ़ संबंधी प्रशिक्षण
-- डीआईजी संजय गुंज्याल ने किया प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला।
एसडीआरएफ जौलीग्रांट में मंगलवार को डीआईजी संजय गुंज्याल ने आपदा मित्रों को बाढ़ संबंधी प्रशिक्षण देने के कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान एसडीआरएफ वाहिनी जौलीग्रांट में हरिद्वार जनपद से चयनित किए गए 200 स्वयंसेवकों का चयन किया गया है। इन आपदा मित्रों को 25-25 के आठ दल बनाकर बाढ़ संबंधी प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ संजय गुज्यांल ने कहा कि आपदा से प्रतिवर्ष करोड़ों का नुकसान होता है। बाढ़ से सर्वाधिक क्षति होती है। देश में आपदा प्रबंधन की सुव्यवस्था के लिए लोगों को जागरूक बनाने की दिशा में भी एसडीआरएफ सक्रिय है।
कहा कि गठन के तीन सालों में ही एसडीआरएफ ने बड़ा मुकाम हासिल किया है। नंदा देवी राजजात का बिना क्षति के पूरा हो जाना एसडीआरएफ की देन है। प्रशिक्षण जैसे सूक्ष्म प्रयास ही आपदा कंट्रोल में मुख्य भूमिका निभाते हैं। सेनानायक रिधिम अग्रवाल ने बताया कि आठ बैचों में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित होगा। प्रशिक्षण की अवधि 12 दिनों की होगी। राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मिलकर कर रहे हैं। प्रशिक्षण का उद्देश्य बाढ़ के दौरान फस्ट रिस्पोंडर की भूमिका में स्थानीय युवाओं को तैयार रखना है। इस दौरान एसडीआरएफ के जवानों ने बाढ़ के दौरान फंसे लोगों को बचाने के रेस्क्यू अभियान को प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने अत्यधिक आधुनिक रेस्क्यू उपकरणों की प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। कार्यक्रम में उप सेनानायक अजय भट्ट, उप सेनानायक नवनीत सिंह, सहायक सेनानायक शिव कुमार, इंस्पेक्टर जगदीश चंद पंत, संजय उप्रेती, सिद्धार्थ कुकरेती, वेदप्रकाश भट्ट, प्रवीण आलोक , विजय रयाल, जगदंबा प्रसाद, हरक सिंह राणा और भूपेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।