श्रीनगर। काश्तकारों की आय दोगुनी करने की सरकारी योजना अगर परवान चढ़ी तो डागर क्षेत्र के मसालों की खुशबू देश विदेश तक फैलेगी। योजना के तहत उद्यान विभाग ने क्षेत्र की 10 ग्रामपंचायतों के 800 काश्तकारों की 136 हेक्टेयर भूमि का कलस्टर तैयार किया है, जिसमें मसालों की खेती की जाएगी।
विकासखंड कीर्तिनगर के डागर क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोठार, रैतासी, थातीडागर, पाव, गवाणा, जाखी, राड़ागाढ, बैंजवाड़ी, चौकी, कोटी डागर के लिए सरकार की डब्बलिंग योजना के तहत उद्यान विभाग नेे कलस्टर तैयार किया है। क्षेत्र की करीब 136 हेक्टेयर भूमि पर मसालों की खेती की जाएगी, जिसमें अदरक, हल्दी, धनियां, मेथी, बड़ी इलाइची व मिर्च आदि का उत्पादन किया जाएगा। कलस्टर में सब्जी उत्पादन, डेरी, मत्स्य पालन, मशरूम आदि को भी शामिल किया गया है। साथ ही क्षेत्र में विभाग की ओर से पांच वर्षों तक जलवायु के अनुरूप फलदार पौधों के रोपण सहित काश्तकारों को सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। बची भूमि पर जलवायु के अनुरूप उद्यानीकरण का भी प्रावधान किया गया है। इसमें सेब, नाशपाति, खुमानी, अखरोट, आम, अमरूद, आडू, कागजी, एमाल्टा, मौसमी, संतरा, आदि पौधों का रोपण किया जाएगा।
सहायक उद्यान अधिकारी कीर्तिनगर विनोद बडोनी ने कहा कि योजना के तहत उक्त क्षेत्र के करीब 800 कश्तकारों का चयन किया गया है। पांच सालों तक सरकार की ओर से काश्तकारों को उन्नत बीच, तकनीकी सुविधा, परिवहन व ट्रांसपोर्ट व पैकिंग के साथ ही बाजार की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके अलावा सिंचाई के साधन, घेरबाड़, बर्मी कंपोस्ट पिटों का निर्माण फसल बीमा की सुविधा का भी प्रावधान है।
ग्रामीण काश्तकारों को मिलेगा उचित मूल्य
श्रीनगर। डागर क्षेत्र के चौकी, गवाणा, कोटी, राड़ागाढ, रैतासी, थाती डागर, पल्लीगाढ आदि गांवों के लोग बड़ी मात्रा में अदरक का उत्पादन करते है। विपणन की सुविधा न होने से ग्रामीणों को उत्पादित अदरक का आधा दाम भी नहीं मिल पाता है। अब अगर योजना शुरू हुई तो इन काश्तकारों को अपनी फसल का उचित दाम मिल सकेगा।