गौचर। कर्णप्रयाग ब्लाक के श्रीकोट (बौंला) गांव निवासी और एक कंपनी के मालिक डा. राम सिंह रावत गरीबों की मदद करने में जुटे हुए हैं। वह शिक्षा से वंचित गरीब छात्र-छात्राओं को शिक्षा दे रहे हैं और बुजुर्गों को तीर्थधामों की नि:शुल्क यात्रा करवा रहे हैं। यही नहीं डा. रावत मंदिरों का जीर्णोद्धार भी करा रहे हैं।
वर्ष 1955 में गौचर के बौंला में जन्मे डा. राम सिंह रावत की प्राइमरी शिक्षा प्राइमरी स्कूल बौंला में हुई। जीआईसी गौचर से इंटर करने के बाद पंतनगर कृषि विवि से बैचलर ऑफ वैटनरी साइंस की डिग्री ली। वर्ष 1976 से 1990 तक विभिन्न व्यवसायिक कंपनियों में कार्य करने के बाद उन्होंने तलेगांव पूना में बदरीविशाल केमिकल एवं फार्मेस्यूटिकल निजी कंपनी शुरू की। पूना में बस चुके डा. राम सिंह रावत इन सबके बाद भी अपनी जन्मभूमि को नहीं भूले। कंपनी में बेटे विवेक रावत के हाथ बंटाने से डा. रावत ने अपने गृह क्षेत्र में गरीबों की सेवा करने का मन बनाया और अपने गृह को लौटे। वह चार-पांच साल से लगातार जनसेवा कर रहे हैं। डा. राम सिंह रावत क्षेत्र के उफाराईं देवी श्रीकोट, देवराड़ी देवी देवल, पनाई शिवालय, उमा देवी कर्णप्रयाग, लाटू देवता सिंद्रवाणी, चंडिका देवी सिमली समेत कई मंदिरों की मरम्मत करा चुके हैं। यही नहीं प्राइमरी स्कूल बौंला, जनता जूनियर हाईस्कूल बमौथ, संस्कृत विद्यालय शांति सदन, सरस्वती शिशु मंदिर सिदोली, रामेश्वरी सरस्वती शिशु मंदिर सिमली को आर्थिक सहायता दी थी। साथ ही अब तक वह दो हजार से अधिक बुजुुर्गों को नि:शुल्क तीर्थ दर्शन करा चुके हैं। एक हजार से अधिक गरीब बच्चों को शिक्षा एवं 200 से अधिक निर्धन बालिकाओं की शादी के लिए आर्थिक सहायता दे चुके हैं।
कोट
- डा. राम सिंह रावत की ओर से जिस तरह से मंदिरों के संरक्षण और निर्बल वर्ग के बच्चों को स्कूली शिक्षा में प्रोत्साहन दिया जा रहा है, वह सराहनीय पहल है। ऐसी पहल से पहाड़ों से पलायन कम होने के अलावा शिक्षा का स्तर भी बढ़ेेगा। - मुकेश नेगी, नगर पालिका अध्यक्ष गौचर।