जोशीमठ। बदरीनाथ-केदारनाथ ट्रैक पर फंसे 3 ट्रैकरों को सेना रेस्क्यू कर जोशीमठ लाई। यहां तीनों को जोशीमठ में सेना चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया है।
शुक्रवार को घाटी में मौसम खराब होने से किसी भी ट्रैकर को रेस्क्यू नहीं किया जा सका। शनिवार को रेस्क्यू ऑपरेशन में ट्रैकिंग दल में शामिल भगवती चरण, पवन कौशिक और संजय शर्मा को मद्महेश्वर से रेस्क्यू कर जोशीमठ लाया गया। पनपतिया में जान गंवाने वाले पश्चिम बंगाल निवासी सुप्रिम बर्मन के शव को शनिवार को भी नहीं लाया जा सका।
अस्पताल में भर्ती के बाद नहीं ली सुध
रुद्रप्रयाग। बदरीनाथ-मद्महेश्वर ट्रैकिंग रूट में फंसे ट्रैकरों को जोशीमठ पहुंचाने के बाद किसी ने सुध लेना उचित नहीं समझा। शनिवार को करीब 8 बजे मद्महेश्वर से आधा किमी ऊपर बूढ़ा मद्मेश्वर से सेना के हेलीकॉप्टर से ट्रैकर संजय शर्मा, भगवती प्रसाद, पवन कौशिक, गाइड हरदेव व अन्य 4 पोर्टर को लाया गया। अस्पताल में भर्ती कराने के बाद इन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया गया। तीन ट्रैकर जोशीमठ से स्वयं के खर्चे से रुद्रप्रयाग पहुंचे। मद्महेश्वर में चार पोर्टर के साथ दो दिन तक रुके धर्मेद्र भी स्वयं की व्यवस्था पर अपने घर को निकल गए। प्रशासन का कहना था कि पोर्टर सभी लोकल हैं इसलिए उन्हें छोड़ दिया गया है। ट्रैकरों का सामान मद्महेश्वर में ही छूट गया।
ये ट्रैकर्स फंसे थे
सुप्रियो बर्मन (44) पश्चिम बंगाल (मृत्यु हो चुकी है), पवन कुमार कौशिक (38) नजफगढ़ दिल्ली, भगवती प्रसाद (45) सरोजनी नगर दिल्ली, संजय कोटनाला (45) सरोजनी नगर दिल्ली, धर्मेद्र (45) नजफगढ़, दिल्ली।
गाइड : हरदेव सिंह पंवार (50) निवासी उत्तरकाशी
पोर्टर :मनवीर सिंह, दलवीर, विनोद, संतोष, रघुवीर, रोशन और बलवीर।