चरित्र प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर पैसे ऐंठ रहे हैं दलाल
-- पैसे लेने के बाद भी नहीं बना रहे हैं दस्तावेज, अधिकारी कार्रवाई को तैयार नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
ऋषिकेश।
ऋषिकेश तहसील इन दिनों दलालों की कमाई का अड्डा बना हुआ है। दस्तावेज बनाने के नाम पर दलाल जनता से पैसे ऐंठ रहे हैं। पैसे देने के बावजूद लोगों को दस्तावेज नहीं मिल पा रहे हैं। इस मामले में एक पीड़ित ने मामले की शिकायत तहसील के अधिकारियों से भी कर दी है, बावजूद इसके जिम्मेदार अफसर कार्रवाई करने की बजाए दलालों पर मेहरबानी दिखा रहे हैं।
सेवा के अधिकार के तहत मूल निवास, चरित्र प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज आवेदन करने की तिथि से तय सीमा 15 दिन के अंदर मिल जाते हैं। लेकिन दलालों के जरिए आवश्यक दस्तावेज के लिए आवेदन करने वाले लोग महीने भर से दस्तावेजों के लिए भटक रहे हैं। सोमवार को आईडीपीएल निवासी रमेश बिजल्वाण अपनी मां के साथ चरित्र प्रमाणपत्र लेने के लिए चार घंटे से तहसील में भटकते रहे, मगर उन्हें प्रमाणपत्र नहीं मिल पाया। रमेश ने बताया कि बीती 23 अगस्त को वह चरित्र प्रमाणपत्र बनाने तहसील में आए थे। इस दौरान एक आदमी ने खुद को तहसील कर्मी बताते हुए जल्द चरित्र प्रमाणपत्र बनाने की बात कही। बताया कि दलाल ने उनसे इसकी एवज में चार सौ रुपये ले लिए।
दो हफ्ते बाद जब रमेश चरित्र प्रमाणपत्र लेने तहसील में आया। तो दलाल ने उसे एक हफ्ते बाद आने का बहाना बनाकर टाल दिया। बताया कि वह अपनी मां के साथ तहसील में आए और उक्त व्यक्ति को फोन किया तो उसने फोन उठाना ही बंद कर दिया। सोमवार को भुक्तभोगी मां- बेेटे चरित्र प्रमाणपत्र लेने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटते दिखे। उन्होंने बताया अधिकारियों ने उक्त व्यक्ति से चरित्र प्रमाणपत्र लेने की बात कहते हुए जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ दिया। रमेश ने बताया कि उसे सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में एक होटल में नौकरी के लिए चरित्र प्रमाणपत्र जमा करना है।
कार्रवाई होगी
इस तरह की शिकायतें पहले भी सामने आई है। तहसील में सक्रिय दलालों पर उचित कार्रवाई के बाबत मामले को संज्ञान में लिया जा रहा है। -- केडी जोशी, नायब तहसीलदार ऋषिकेश