अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
दशहरा और दीपावली के बीच होने वाली गंगाबंदी के अंतर्गत कराए जाने वाले निर्माण की गुणवत्ता को लेकर इस बार यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारी ज्यादा सतर्क दिखाई दे रहे हैं। शासन ने निर्माण कार्यों की निगरानी ड्रोन कैमरे से कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि पारदर्शिता बनी रही।
गंगा बंदी के दौरान होने करोड़ों रुपये के निर्माण के साथ ही क्षतिग्रस्त गंगानहर की मरम्मत रजवाहो की सफाई और पानी पहुंचाने के लिए समतलीकरण आदि के कार्य कराए जाते थे। इस बार भी गंगनहर में कई निर्माण चल रहे है, जबकि कई कार्य प्रस्तावित है। डामकोठी में पास पुल का निर्माण तेजी से चल रहा है। पुल के बगल में आसपास घाट का निर्माण भी प्रगति पर है। इसके अलावा हरिद्वार से लेकर नारसन तक कई जगह क्षतिग्रस्त हुई नहर की मरम्मत कराई जानी है। यूपी सिंचाई विभाग के उपसचिव शिव कुमार पाठक की ओर से जारी किए गए निर्देश में कहा गया है कि निर्माण कार्यों की निगरानी ड्रोन कैमरे से कराई जाए, ताकि कार्यों की गुणवत्ता पर नजर रखी जा सके। अधिशासी अभियंता सीबी यादव ने बताया कि गंगाबंदी और उसके बाद किए जाने वाले निर्माण कार्य संपन्न कराने की पूरी तैयारी कर ली गई है।
माफिया भी मौके का लाभ उठाने की तैयारी में
गंगाबंदी का दौर खनन माफिया के लिए चांदी काटने जैसा रहता है। करीब 20 दिन की इस गंगाबंदी के दौरान बहादराबाद, रुड़की और नारसन के आसपास बड़े पैमाने पर गंगनहर से अवैध खनन किया जाता है। इसे लेकर कई बार प्रशासन और सिंचाई विभाग तथा पुलिस के बीच टकराव भी देखने को मिलता है। गंगा बंदी नजदीक आते ही एक तरफ जहां अधिकारी अपनी तैयारियां कर रहे हैं, वहीं खनन माफिया भी सक्रिय हो गए हैं।