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मिढावाला गांव में हाथियों ने मचाया उत्पात
-- किसानों की 10 बीघा गन्ने की फसल को किया तहस-नहस
अमर उजाला ब्यूरो
डोईवाला। वन सीमा से सटे गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नही ले रहा है। देर रात हाथियों ने मिढावाला गांव के खेतों में तैयार हो रही गन्ने की फसल को रौंद डाला। ग्रामीण समस्या को लेकर मुख्यमंत्री दरबार में जाने की तैयारी कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी हाथियों को खदेड़ने के लिए गश्त बढ़ाने की बात कह रहे हैं। थानों वन रेंज के मिढावाला गांव में देर रात हाथियों का झुंड घुस आया। हाथी आबादी क्षेत्र में चहलकदमी करने के साथ-साथ जोर-जोर से चिंघाड़कर भयभीत करने लगा, जिससे लोग घरों में ही दुबक गए। हाथियों ने गन्ने के खेतों में घुसकर किसान भूपेंद्र सिंह और देवराज सिंह की दस बीघा गन्ने की फसल को चौपट कर दिया।
हाथियों के झुंड को भगाने के लिए किसानों को घरों से बाहर आना पड़ा। ग्रामीणों ने शोर और आतिशबाजी कर किसी तरह हाथियों को खेतों से बाहर भगाया। समाजसेवी विशाल मनवाल ने वन विभाग के अधिकारियों से गांव की सुरक्षा के लिए हाथीरोधी दीवार बनाने की मांग की है। भाजयुमो प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य लेखराज सिंधवाल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों द्वारा किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने की समस्या को मुख्यमंत्री के पास ले जाया जाएगा। बताया गया कि वन विभाग की ओर से सुरक्षा दीवार बनाने को इस्टीमेट शासन को भेजा गया है। जिसकी स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई जाएगी। उधर , वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि हाथियों को खदेड़ने के लिए रात्रि गश्त बढ़ाई जा रही है।