अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
पुलिस ने अब श्रीपंचायती उदासीन बड़ा अखाड़ा के कोठारी महंत मोहनदास की निजी जिंदगी की कुंडली भी खंगालनी शुरू कर दी है।
15 सितंबर से लापता महंत मोहनदास का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। प्रॉपर्टी, रंजिश से लेकर कई पहलुओं पर पुलिस अपनी जांच कर रही है लेकिन नतीजा शून्य ही रहा है। मोबाइल फोन भी खंगालने पर भी कोई क्लू नहीं मिल पाया। अब पुलिस का फोकस महंत मोहनदास की निजी जिंदगी के पन्ने पलटने पर हैं।
कनखल में सामाजिक जीवन में खासे सक्रिय रहने वाले मोहनदास के करीबियों के संबंध में पूरी टोह ली जा रही है। निजी जिंदगी के अन्य पहलुओं पर भी पुलिस गौर फरमा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि महंत का कहां- कहां आना जाना था और कौन- कौन उनसे मिलने अखाड़े में आते रहते थे, इस पर भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
यूपी- उत्तराखंड की एसटीएफ भी हुई फेल
सात दिन गुजरने के बाद भी उत्तराखंड- उत्तरप्रदेश की स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) भी महंत मोहनदास को खोज निकालने में नाकामयाब रही है। महंत मोहनदास की अंतिम लऊोकेशन मेरठ में होना सामने आई थी। ये भी सामने आया था कि मोहनदास इसी महीने की नौ दस तारीख को मेरठ में ही मौजूद थे लेकिन वे किसके साथ और कहां ठहरे थे, ये मिस्ट्री बरकरार है। दोनों राज्यों की एसटीएफ मेरठ के उस इलाके को भी खंगाल चुकी है, जहां महंत की आखिरी लोकेशन आई थी। पर, कोई क्लू नहीं मिला। अब मैनुअल ढर्रे पर ही एसटीएफ, हरिद्वार पुलिस अपनी जांच आगे बढ़ा रही है। उत्तराखंड एसटीएफ ने शुक्रवार को अखाड़े से जुड़े कुछ संतो एवं मोहनदास के करीबीयों से मोबाइल फोन पर बातचीत की है। हालांकि एसटीएफ अभी अखाड़े में दस्तक देने नहीं पहुंची है। हां, महंत से जुड़े खासमखास लोगों की जानकारी पूरी जानकारी जुटा ली गई है।