अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
श्री पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन के कोठारी महंत मोहनदास की खोज में हरिद्वार पुलिस मुंबई तक का सफर तय करेगी। मुंबई में महंत का इलाज करने वाले डाक्टर से भी बातचीत की जाएगी। इधर, टीटीई, मुसाफिरों से पूछताछ जारी है। चार दिन गुजरने के बाद भी महंत का पता नहीं चलने से संत समाज में बेहद बेचैनी का आलम है।
हरिद्वार पुलिस की जांच का फोकस वेस्ट यूपी के मेरठ पर ही है। मेरठ में ही उनका मोबाइल फोन स्विच ऑफ हुआ था और दिल्ली के निजामुउददीन रेलवे स्टेशन की फुटेज में संत दिखाई नहीं दे रहे हैं। हरिद्वार पुलिस की दो टीमों ने मेरठ में डेरा डाला हुआ है, लेकिन अभी कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। इधर, एक पुलिस टीम अब मुंबई का रुख कर चुकी है। नगर पुलिस अधीक्षक ममता वोहरा ने बताया कि मुंबई गई पुलिस टीम उस डाक्टर से भी बातचीत करेगी जो महंत का इलाज कर रहे हैं। मुंबई रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी को भी खंगाला जाएगा। टीटीई से लेकर उन मुसाफिरो से भी लगातार पूछताछ का जारी है जो उस दिन कोच में सफर कर रहे थे।
रडार पर प्रॉपर्टी डीलरों के मोबाइल फोन नंबर
कुणाल दरगन
हरिद्वार। महंत मोहनदास की हाईप्रोफाइल गुमशुदगी में प्रॉपर्टी के बिंदू पर भी पुलिस की जांच ठिठक गई है। देहरादून- हरिद्वार से लेकर उनके कई करीबी प्रॉपर्टी डीलरों के मोबाइल फोन नंबर भी पुलिस के रडार पर हैं। कुछ मोबाइल फोन नंबर सीधे टेप भी हो रहे हैं, इस तरह की बात भी सामने आ रही है। महंत का ट्रेन के कोच से यकायक गायब होना, चौंकाने वाला है। हैरान करने वाली बात ये है कि कोच में सफर कर रहे किसी भी मुसाफिर ने यह नहीं देखा कि संत आखिर कब अपनी बर्थ से उठकर गए हैं।
मेरठ में उनके मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन होने से हरिद्वार पुलिस का फोकस वहीं पर ही है। लेकिन यहां से भी उम्मीद की किरण अभी तक कोई नहीं दिखी है। एक बात साफ है कि महंत खुद ही अपनी बर्थ से उठकर गए हैं जैसे अपहरण की बात उछाली जा रही है वो हजम होने लायक नहीं है। हरिद्वार पुलिस के एक उच्च अधिकारी की मानें तो महंत प्रॉपर्टी डीलिंग के कारोबार से भी जुड़े थे, उनके सभी करीबी प्रॉपर्टी डीलरों के मोबाइल फोन खंगाले जा रहे है।
अखाड़े के ही व्यक्ति ने की थी आखिरी कॉल
महंत मोहनदास के मोबाइल फोन नंबर पर आखिरी कॉल उस दिन रात करीब एक बजे की गई थी। कॉल भी अखाड़े से ही जुड़े एक व्यक्ति ने की थी। उनका दूसरा मोबाइल फोन नंबर उसी दिन पहले से ही बंद था। एक कॉल के अलावा महंत के मोबाइल फोन से कोई दूसरी कॉल ही नहीं हुई। फिर सुबह करीब छह बजे मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गया।
हाल में पूरे हुए ये प्रोजेक्ट
श्री पंचायती बड़ा अखाड़ा उदासीन ने हाल ही में अपार्टमेंट से जुड़े दो प्रोजेक्ट पूरे किए थे। भैरव मंदिर से सटे चंद्राचार्य अपार्टमेंट पर हाल ही में कुछ फ्लैट बनाए गए है, ये सभी फ्लैट एक हाईप्रोफाइल संत ने अपने कर्मचारियों के लिए ले लिए है, ऐसी चर्चा है। दूसरा प्रोजेक्ट दक्ष मंदिर मार्ग पर चल रहा था, जो हाल में पूरा हुआ है।
एसएसपी ने अखाड़े के संतों को किया अपडेट
महंत मोहनदास के गुमशुदा होने से चिंचित अखाड़े के संतों के बीच पहुंचकर एसएसपी कृष्णकुमार वीके ने अब तक की कार्रवाई का रिपोर्ट कार्ड रखा। एसएसपी से अखाड़े के संतों ने आग्रह किया था कि उन्हें भी पुलिस की कार्रवाई से अवगत कराया जाए। इसलिए एसएसपी खुद उनके बीच अखाड़े में ही पहुंच गए। एसएसपी ने संतों को ब्रीफ किया कि पुलिस किन किन पहलुओं पर जांच कर रही है और अब तक पुलिस ने किन किन बिंदुओं पर एक्सरसाइज कर चुकी है।