अमर उजाला ब्यूरो
हरिद्वार।
भेल के सेक्टर पांच की लेबर कालोनी में जंगली हाथी के हमले के बाद सामने आई तस्वीर ने लचर व्यवस्था की पोल खोल दी। बस्तीवासी और उनकी पैरोकारी करने पहुंचे नेता 108 एंबुलेंस मंगाने के लिए फोन करते रहे, लेकिन सरकारी महकमे ने हाथ खड़े कर दिए।
बस्तीवासियों पर हाथी में हमले की सूचना पाकर कांग्रेस की महिला नेता विमला पांडे बस्ती में पहुंची। उन्होंने घायलों का हाल-चाल पूछने के बाद तत्काल एंबुलेंस बुलाने का प्रयास किया। कई बार फोन करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। विमला पांडे के अलावा बस्ती के कई लोग फोन मिलाते रहे, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब भी नहीं मिला। करीब दो घंटे इंतजार करने के बाद बस्ती वासियों ने खुद ही अपने स्तर से इंतजाम कर प्राइवेट एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। 108 एंबुलेंस प्रभारी साकुल भंडारी ने बताया कि जिस समय एंबुलेंस के लिए फोन किया जा रहा था उस समय हरिद्वार क्षेत्र की चार में से तीन एंबुलेंस खराब थी। घटनास्थल के सबसे नजदीकी क्षेत्र सिडकुल की गाड़ी के पहिये खराब हैं और वह कई दिनों से कोतवाली ज्वालापुर में खड़ी है। ज्वालापुर की एंबुलेंस मरीज लेकर गई थी जबकि सीसीआर हरिद्वार पर तैनात गाड़ी की क्लच प्लेट और पतंजलि योगपीठ के पास खड़ी रहने वाली गाड़ी के पहिये खराब हैं। इससे एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि फोन करने वालों को कहा गया था कि लक्सर और मंगलौर से गाड़ी मंगवा देते हैं, लेकिन वे इतना इंतजार करने को राजी नहीं थे।
महिला कांग्रेस की महानगर अध्यक्ष विमला पांडे ने आरोप लगाया कि समग्र विकास का दावा करने वाली भाजपा सरकार के लिए आम आदमी का हित मायने नहीं रखता। अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के स्वागत के लिए तो सरकार ने पूरा प्रदेश सजा दिया, लेकिन गरीबों को अस्पताल पहुंचाने के लिए उनके पास एक एंबुलेंस भी नहीं थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ेगी।