देवप्रयाग। नगरपालिका क्षेत्र देवप्रयाग में शामिल किए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसील व पालिका परिसर में प्रदर्शन कर विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना था कि सरकार उनकी मर्जी के खिलाफ ग्रामीण क्षेत्र को पालिका में शामिल कर रही है। ग्रामीणों ने गांवों में पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को वापस लिए जाने की मांग की है।
देवप्रयाग शहर के समीपवर्ती तुणगी, भ्वींट, रामपुर-श्यामपुर, खेड़ा, महड़, मुनेठ, पालीमल्ली व बागेश्वर सहित कई अन्य गांवों को पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया है। सोमवार को गांव बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले इन गांवों के ग्रामीणों ने पालिका क्षेत्र में शामिल किए जाने पर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने पालिका व तहसील परिसर में सरकार व पालिका के विरोध में नारेबाजी की। देवप्रयाग ब्लाक प्रमुख जयप्रकाश पंवार व ब्लाक प्रमुख कोट सुनील लिंगवाल ने कहा कि ग्राम पंचायतों को विश्वास में लिए बिना नगरपालिका क्षेत्र में मिलाया जाना तरह अनुचित हैं। गांव बचाओ समिति अध्यक्ष विनोद टोडरिया ,उपाध्यक्ष सीताराम, त्रिलोक तड़ियाल, जगदीश चंद्र आर्य ने कहा कि अगर ग्राम पंचायतों को पालिका क्षेत्र में शामिल किया गया तो ग्रामीण सड़कों पर उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने तहसीलदार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज निर्णय वापस लिए जाने की मांग की।
पौड़ी व टिहरी जनपद में है देवप्रयाग पालिका का विस्तार
देवप्रयाग। देवप्रयाग नगर पालिका राज्य की एक मात्र ऐसी पालिका है, जिसका विस्तार दो जनपदों में है। देवप्रयाग पालिका पौड़ी व टिहरी दोनो जनपदों में फैली हुई है। वर्तमान में पालिका 6 किमी के दायरे में है। नए परिसीमन के तहत इसमें तीन और वार्ड बागेश्वर, मुनेठ और महडजाली जोड़े गए हैं, जिनमें 7 ग्राम पंचायतें शामिल हैं।